21 जुलाई 2026
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क्या समाज को रामराज्य की ओर ले जाने के लिए हमें श्रीराम जैसा बनना होगा?

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क्या समाज को रामराज्य की ओर ले जाने के लिए हमें श्रीराम जैसा बनना होगा?

सारांश

दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में लेखिका अमी गणत्रा ने समाज को रामराज्य की दिशा में ले जाने के लिए श्रीराम जैसे आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता बताई। जानें, इस चर्चा में और क्या खास बातें रहीं।

मुख्य बातें

समाज को रामराज्य की ओर ले जाने के लिए श्रीराम जैसे आदर्शों को अपनाना आवश्यक है।
लेखिका अमी गणत्रा ने भगवान राम के अस्तित्व को एक ऐतिहासिक तथ्य बताया।
आज की युवा पीढ़ी धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रही है।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में 'दिल्ली शब्दोत्सव 2026' का आयोजन हुआ। दूसरे दिन 'हिंदू इतिहास' पर चर्चा की गई, जिसमें अनेक लेखकों और इतिहासकारों ने भारतीय संस्कृति एवं साहित्य पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर लेखिका अमी गणत्रा ने कहा कि समाज को रामराज्य की ओर ले जाने के लिए श्रीराम जैसा बनना आवश्यक है।

'हिंदू इतिहास' के सत्र में अमी गणत्रा ने भगवान राम के प्रति अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि श्रीराम के अस्तित्व का कोई प्रमाण आवश्यक नहीं होता, वे हमारे लिए एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं। उन्होंने हमारे समाज में मूल्य स्थापित करने का कार्य किया है।

उन्होंने आगे कहा, "समाज को रामराज्य की दिशा में ले जाने के लिए हमें श्रीराम जैसा होना पड़ेगा। मुझे नहीं लगता कि स्वतंत्रता के समय श्रीराम पर किसी ने सवाल उठाए थे। सवाल केवल राजनीतिक कारणों से उठे हैं। अदालतों में भगवान राम के अस्तित्व के लिए प्रमाण मांगे गए। यह हिंदुओं की सहिष्णुता है कि उन्होंने अदालतों में प्रमाण भी दिए और न्यायालय को भी मानना पड़ा।"

वहीं, आरएसएस के दिल्ली प्रदेश महासचिव अनिल गुप्ता ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि धर्म और संस्कृति को समझाना पहले कठिन था, लेकिन वर्तमान में यह सरल हो गया है। आज के युवा धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। पहले 40-50 वर्ष के भजन गायक होते थे, अब 20 से 25 वर्ष के भजन गायक भी हैं।

अनिल गुप्ता ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अद्भुत कार्य कर रही है। उन्हें भजन और धर्म का महत्व समझ में आ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें उन्होंने रामराज्य के आदर्शों को अपनाने की बात कही। यह विचार निश्चित रूप से युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में कौन-कौन से विषयों पर चर्चा हुई?
इस कार्यक्रम में 'हिंदू इतिहास' जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
लेखिका अमी गणत्रा ने क्या कहा?
उन्होंने बताया कि समाज को रामराज्य की ओर ले जाने के लिए हमें श्रीराम जैसा बनना पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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