क्या दिल्ली शब्दोत्सव 2026 भारत की संस्कृति और समाज का अद्भुत रंग दिखाएगा?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली शब्दोत्सव 2026 एक प्रमुख साहित्यिक उत्सव है।
- इसमें 100+ लेखक और विचारक भाग लेंगे।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा।
- यह उत्सव भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है।
- यह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज से राष्ट्रीय राजधानी में तीन दिवसीय भारतीय साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्सव "दिल्ली शब्दोत्सव 2026" का आरंभ होने जा रहा है। इस उत्सव में एक सौ से अधिक लेखक, फिल्मकार, विचारक, पत्रकार, विधि विशेषज्ञ और युवा प्रेरणास्रोत भाग लेंगे। कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में किया जाएगा, जहाँ तीन मंचों पर लगातार संवाद और प्रस्तुतियां होंगी।
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा, "आज से दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में देश का सबसे बड़ा 'लिट फेस्ट' शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इसका उद्घाटन करेंगी।"
इस उत्सव में 100 से अधिक प्रमुख वक्ता शामिल होंगे, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सुनील आंबेकर, मनमोहन वैद्य और सच्चिदानंद जोशी शामिल हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इस उत्सव में 40 से ज्यादा किताबों का विमोचन, छ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दो कवि सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, संगीतमय संध्याओं में भारत के विभिन्न क्षेत्रों की मधुर धुनें सुनाई देंगी। ओपन माइक जैसे कार्यक्रम युवाओं के लिए विशेष रूप से होंगे, जहाँ किताबों पर चर्चाएं और देश भर के स्वादों के साथ एक शानदार फूड कोर्ट भी मौजूद रहेगा।
'शब्दोत्सव' केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत के अभ्युदय की एक जीवंत झलक है, जहाँ पाठक, परिवार, विद्यार्थी, रचनाकार और संस्कृति के प्रेमी एक आत्मनिर्भर और प्रगतिशील भारत से जुड़े हुए अनुभव करते हैं। 'दिल्ली शब्दोत्सव 2026' वह मंच है जहाँ भारत की कहानियां, गीत और विचार जीवन्त हो उठते हैं। यह तीन दिन का उत्सव 'भारत अभ्युदय' की भावना को समर्पित है, जो हमारी प्राचीन सभ्यता से जुड़े नए भारत और उसकी रचनात्मकता को दर्शाता है।