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शाहदरा रेलवे स्टेशन पर जनरल कोच सीट विवाद में पंकज धामा की हत्या, 8 आरोपी मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार

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शाहदरा रेलवे स्टेशन पर जनरल कोच सीट विवाद में पंकज धामा की हत्या, 8 आरोपी मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर जनरल कोच में सीट के लिए हुई मारपीट ने एक परिवार को उजाड़ दिया। दिल्ली मेट्रो गार्ड पंकज धामा की मौत और रेलवे पुलिस पर समय पर अस्पताल न पहुंचाने के आरोप — यह घटना रेलवे सुरक्षा तंत्र की विफलता का आईना है।

मुख्य बातें

शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर 20 जून की सुबह 6 बजे जनरल कोच सीट विवाद में मारपीट हुई।
दिल्ली मेट्रो गार्ड पंकज धामा ( 34 वर्ष ) की मारपीट के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिवार का आरोप — मौके पर मौजूद रेलवे पुलिस ने समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया; यात्रियों ने पहुंचाया।
पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।
पंकज के परिवार में एक बेटी और एक बेटा है; पुलिस विवाद की असली वजह की जाँच कर रही है।

दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर 20 जून की सुबह करीब 6 बजे जनरल कोच में सीट को लेकर हुए विवाद में 34 वर्षीय पंकज धामा की मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि करीब 8 युवकों ने पंकज के साथ मारपीट की, जिसके बाद वह प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े और उनकी हालत बिगड़ती चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 8 आरोपियों को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ विवाद

परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर उस सुबह जनरल कोच में सीट को लेकर कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि करीब 8 लड़कों ने मिलकर पंकज धामा पर हमला किया। मारपीट के दौरान पंकज प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े और उनकी स्थिति तेज़ी से बिगड़ने लगी।

रेलवे पुलिस की भूमिका पर परिवार के गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों ने मौके पर तैनात रेलवे पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद एक रेलवे पुलिस कर्मचारी ने घायल पंकज को खींचकर किनारे कर दिया, लेकिन उन्हें तत्काल अस्पताल नहीं पहुंचाया। परिजनों का आरोप है कि पंकज को रेलवे पुलिस ने नहीं, बल्कि स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने अस्पताल पहुंचाया — और तब तक काफी देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान पंकज धामा की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। हालांकि, रेलवे पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

कौन थे पंकज धामा

पंकज धामा दिल्ली मेट्रो में गार्ड के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में एक बेटी और एक बेटा है। उनकी असमय मृत्यु के बाद परिवार शोक में डूबा हुआ है और लगातार न्याय की माँग कर रहा है।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तेज़ी से जाँच शुरू की और मारपीट में शामिल सभी 8 आरोपियों को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और विवाद की असली वजह तथा पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने में जुटी है।

आगे क्या होगा

यह मामला रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि भीड़भाड़ वाले जनरल कोचों में सीट विवाद की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किए जाने की संभावना है और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ रेलवे पुलिस की भूमिका की भी जाँच अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी एक घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए यात्रियों पर निर्भर रहना पड़ा — यह जवाबदेही का गंभीर संकट है। जनरल कोचों में भीड़ और सीट विवाद की घटनाएँ नई नहीं हैं, लेकिन इस बार एक सरकारी कर्मचारी की जान गई। असली सवाल यह है कि रेलवे पुलिस की प्रतिक्रिया में हुई देरी की जाँच कौन करेगा और क्या इस पर कोई जवाबदेही तय होगी।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाहदरा रेलवे स्टेशन पर क्या हुआ?
20 जून की सुबह करीब 6 बजे शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर जनरल कोच में सीट को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया। इसमें 34 वर्षीय पंकज धामा की मौत हो गई।
पंकज धामा कौन थे और उनके परिवार में कौन है?
पंकज धामा दिल्ली मेट्रो में गार्ड के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में एक बेटी और एक बेटा है।
रेलवे पुलिस पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मृतक के परिजनों का आरोप है कि मौके पर मौजूद रेलवे पुलिस ने पंकज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया। परिवार का कहना है कि उन्हें रेलवे पुलिस ने नहीं, बल्कि स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने अस्पताल पहुंचाया, जब तक काफी देर हो चुकी थी।
8 आरोपियों को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने मारपीट में शामिल सभी 8 आरोपियों को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर विवाद की असली वजह की जाँच कर रही है। रेलवे पुलिस की भूमिका पर भी जाँच की संभावना है, क्योंकि परिवार ने लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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