क्या दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त दिशा-निर्देश दिए?

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क्या दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त दिशा-निर्देश दिए?

सारांश

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की। जानिए उन्होंने क्या दिशा-निर्देश दिए हैं।

Key Takeaways

  • दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं है।
  • आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
  • मरीजों के साथ उचित व्यवहार करना अनिवार्य है।
  • केंद्रीय खरीद एजेंसी द्वारा दवाओं की कुशल आपूर्ति प्रणाली स्थापित की गई है।
  • लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्‍ली, ८ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में सभी सरकारी अस्पतालों के मेडिकल निदेशकों और मेडिकल अधीक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार के किसी अस्पताल में जीवनरक्षक दवाओं, आवश्यक दवाओं या चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी नहीं है।

दिल्ली सरकार की अनुमोदित दवा सूची के अनुसार, सभी आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

उन्होंने अस्पतालों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे वित्तीय वर्ष २०२५-२६ के आगामी महीनों यानी मार्च २०२६ तक के लिए आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की अपनी आवश्यकताएं १० दिनों के भीतर प्रस्तुत करें।

स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अस्पताल में दवाओं और चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक नहीं रखा गया तो मेडिकल निदेशकों और मेडिकल अधीक्षकों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और किसी भी लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मरीजों की देखभाल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) द्वारा दवाओं की कुशल आपूर्ति प्रणाली प्रभावी ढंग से स्थापित की गई है।

अस्पताल प्रबंधन को दवाओं की दैनिक सूची की निगरानी के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक दवाओं की कमी की स्थिति में अनुमोदित केंद्रीय खरीद एजेंसी प्रक्रियाओं के माध्यम से आपूर्ति तुरंत की जाती है। इसके अलावा, आवश्यकताओं को शीघ्रता से निपटाने के लिए आपातकालीन स्थानीय खरीद के प्रावधान भी अधिकृत किए गए हैं।

बैठक में डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उन्हें अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ उचित इलाज और देखभाल के साथ पेश आना चाहिए और उनके परिजनों के साथ भी सौहार्दपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले हर मरीज को उचित देखभाल और बेहतर इलाज प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में, दिल्ली सरकार सभी नागरिकों को मुफ्त दवाएं और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

Point of View

यह बैठक दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती को दर्शाती है। डॉ. पंकज कुमार सिंह की यह पहल दर्शाती है कि सरकार नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के प्रति गंभीर है।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में क्या कहा?
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में दवाओं की कोई कमी नहीं है और सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।
क्या अस्पतालों को दवाओं की आपूर्ति के लिए कोई दिशा-निर्देश दिए गए हैं?
हाँ, अस्पतालों को १० दिनों के भीतर आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की जरूरतें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
यदि दवाओं की कमी हुई तो क्या होगा?
यदि किसी अस्पताल में दवाओं की कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति क्या प्रतिबद्धता है?
दिल्ली सरकार सभी नागरिकों को मुफ्त दवाएं और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) का क्या रोल है?
सीपीए दवाओं की आपूर्ति की कुशल प्रणाली को सुनिश्चित करता है और आवश्यक दवाओं की कमी की स्थिति में त्वरित आपूर्ति करता है।
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