क्या दिल्ली में वाहन चोरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ? 11 लग्जरी कार के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

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क्या दिल्ली में वाहन चोरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ? 11 लग्जरी कार के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ, 11 लग्जरी कार बरामद की गई हैं। यह चौंकाने वाली खबर है, जो वाहन चोरी की नई तकनीकों और संगठित अपराध की सच्चाई को उजागर करती है।

Key Takeaways

  • दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
  • 2 आरोपी गिरफ्तार, 11 लग्जरी कारें बरामद।
  • फर्जी दस्तावेजों से गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा था।
  • गिरोह में अन्य लोगों की तलाश जारी है।
  • संगठित अपराध की चुनौती को समझना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस की एंटी-ऑटो-थेफ्ट स्क्वॉड ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, जिसमें अंतरराज्यीय वाहन चोरी सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई कुल 11 लग्जरी कार बरामद की गई हैं, जिन्हें फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से दोबारा रजिस्टर कर बेचा जा रहा था।

यह मामला 28 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ, जब थाना जामिया नगर में ई-एफआईआर संख्या 034942/2025 धारा 305 (बी) बीएनएस के अंतर्गत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी मारुति एस-प्रेसो कार 27 और 28 दिसंबर की रात जामिया नगर से चोरी हो गई थी। शुरुआती जांच में ही पुलिस को इस चोरी के पीछे किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता का संदेह हुआ, जिसके बाद मामले की जांच एएटीए दक्षिण-पूर्व जिला को सौंपी गई।

1 जनवरी को एसआई जितेंद्र और हेड कांस्टेबल शेर सिंह को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश, मुंबई, पुणे और अन्य स्थानों पर सक्रिय एक बड़ा रिसीवर कई लग्जरी गाड़ियों का मालिक है और चोरी की गई एस-प्रेसो कार भी उसी के पास है। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से इस सूचना को पुख्ता किया गया। इसके बाद निरीक्षक अजय दलाल की देखरेख में एक विशेष टीम बनाई गई।

टीम ने ठोस इनपुट के आधार पर मुंबई के बांद्रा से कुणाल सुभाष जायसवाल नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के साथ दिल्ली से चोरी की गई एक हुंडई क्रेटा कार भी बरामद की गई। पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर 3 जनवरी को टीम का एक हिस्सा मुंबई के धारावी में पहुंचा, जहां 25 वर्षीय मोहम्मद अमान को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक चोरी की गई क्रेटा कार भी मिली।

जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी कुणाल एक संगठित अंतरराज्यीय वाहन चोरी और धोखाधड़ी सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है। वह चोरी की गई, लोन डिफॉल्ट और दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को हासिल कर उनके चेसिस नंबर से छेड़छाड़ करता था। इन वाहनों को फर्जी सेल लेटर और नकली बैंक एनओसी के जरिए दोबारा पंजीकरण कराकर भोले-भाले ग्राहकों को बेचा जाता था।

पूछताछ में कुणाल ने बताया कि उसने कई चोरी की गाड़ियां फर्जी रजिस्ट्रेशन के साथ बेची थीं। उसने यह भी बताया कि वाहन चोरी का काम बुलंदशहर निवासी काशिफ और हसन करते थे, जिनमें से हसन फिलहाल उत्तर प्रदेश की जेल में बंद है।

जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर महाराष्ट्र के पुणे, कोल्हापुर और जालना से कई चोरी की गई गाड़ियां बरामद की गईं। सत्यापन में पाया गया कि इन सभी वाहनों के चेसिस नंबर से छेड़छाड़ की गई थी। 20 जनवरी 2026 को इस गिरोह के मुख्य वाहन चोर काशिफ को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर एक चोरी की गई मारुति वैगन-आर कार भी बरामद की गई। इस केस में कुल 11 चोरी की गई और धोखाधड़ी से रजिस्टर की गई गाड़ियों की बरामदगी हो चुकी है।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और आगे और भी गाड़ियों की बरामदगी की संभावना है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह सिंडिकेट बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। दिल्ली से चोरी की गई गाड़ियों को महाराष्ट्र ले जाया जाता था, जहां उनके मूल चेसिस नंबर बदल दिए जाते थे।

गिरफ्तार आरोपी कुणाल (23) मुंबई का निवासी है और ग्रेजुएट है। वह पहले भी एक गंभीर मामले में शामिल रह चुका है। वहीं, काशिफ पर पहले से ही कई आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

Point of View

लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ऐसी घटनाएं समाज में सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश करती हैं। हमें अपने परिवेश और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली में वाहन चोरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
दिल्ली पुलिस की एंटी-ऑटो-थेफ्ट स्क्वॉड ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की, जिसके तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 11 लग्जरी कारें बरामद की गईं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपी कुणाल सुभाष जायसवाल और मोहम्मद अमान हैं, जो संगठित वाहन चोरी के मामले में शामिल थे।
क्या और भी गाड़ियाँ बरामद की जाएँगी?
पुलिस की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिससे और भी चोरी की गई गाड़ियों की बरामदगी की संभावना है।
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