28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली विधानसभा में पंजाब का हस्तक्षेप असंवैधानिक है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली विधानसभा में पंजाब का हस्तक्षेप असंवैधानिक है?

सारांश

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब की सरकार और पुलिस के हस्तक्षेप को असंवैधानिक बताया। उन्होंने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की और इसे लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ माना। क्या यह न्याय है?

मुख्य बातें

पंजाब का हस्तक्षेप दिल्ली विधानसभा की स्वायत्तता के खिलाफ है।
लोकतंत्र की मूल भावना को प्रभावित करने वाला मामला है।
आतिशी का बयान विशेषाधिकार भंग माना गया।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को 86वीं अखिल भारतीय स्पीकर सम्मेलन में पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा आतिशी से जुड़े मामले में किए गए हस्तक्षेप की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अनैतिक और संविधान के खिलाफ बताया।

सम्मेलन में पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश इस सम्मेलन का संचालन कर रहे थे।

गुप्ता ने कहा कि हाल ही में दिल्ली विधानसभा में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया था, जिस पर सदन ने संज्ञान लिया। इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा गया, जहां सदस्यों ने गहन विचार-विमर्श किया और तर्क-वितर्क के आधार पर निर्णय लिए जा रहे थे।

चर्चा में पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल थे और अध्यक्ष के निर्देश पर कार्रवाई जारी थी। अचानक, दूसरे राज्य की सरकार ने इस मामले में दखल दिया और प्रकरण को अपने अधीन ले लिया। गुप्ता ने सवाल उठाया कि यह न्याय का कौन सा रूप है।

उन्होंने आगे कहा कि जब एक विधानसभा में किसी विषय पर खुलकर चर्चा हो रही हो, और निर्णय लिए जा रहे हों, तो दूसरे राज्य का इस तरह हस्तक्षेप करना पूरी तरह से गलत है। यह विधानसभा की स्वायत्तता और विशेषाधिकार का उल्लंघन है। गुप्ता ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और कहा कि ऐसे हस्तक्षेप से लोकतंत्र की मूल भावना प्रभावित होती है।

यह मामला दिल्ली विधानसभा में आतिशी के एक बयान से जुड़ा है, जिसमें सिख गुरुओं के अपमान का आरोप लगा है। दिल्ली विधानसभा ने इसे विशेषाधिकार भंग माना और फॉरेंसिक जांच कराई, जबकि पंजाब पुलिस ने अलग से एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। गुप्ता ने इसे समानांतर जांच और राजनीतिक दुरुपयोग बताया। सम्मेलन में उन्होंने स्पीकरों से ऐसे मुद्दों पर एकजुटता दिखाने की अपील की।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो दूसरे राज्य का हस्तक्षेप लोकतंत्र की मूल भावना का उल्लंघन है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने पंजाब के हस्तक्षेप पर क्या कहा?
विजेंद्र गुप्ता ने इसे अनैतिक और संविधान के खिलाफ बताया।
क्या पंजाब का हस्तक्षेप वैध था?
गुप्ता के अनुसार, यह हस्तक्षेप विधानसभा की स्वायत्तता का उल्लंघन है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले