ईरान का खार्ग द्वीप: ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कोई नुकसान नहीं हुआ
सारांश
Key Takeaways
- खार्ग द्वीप ईरान की आर्थिक जीवनरेखा है।
- अमेरिका के हमलों के बावजूद, ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित है।
- यह द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित है।
- ईरान का 90%25 कच्चा तेल यहीं से निर्यात होता है।
- खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों पर हमले हुए थे।
तेहरान, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने यह स्पष्ट किया है कि खार्ग द्वीप पर उसके तेल के ढांचों को कोई क्षति नहीं पहुंची है और यह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर खार्ग द्वीप पर एक एयर स्ट्राइक की बात की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका की सेना ने ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं किया है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि खार्ग द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले में किसी भी तेल संरचना को नुकसान नहीं पहुंचा। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले के दौरान द्वीप पर 15 से अधिक विस्फोट हुए और कई स्थानों से धुआं उठता देखा गया। बताया गया कि अमेरिका ने सैन्य ठिकानों, जोशन सी बेस, एयरपोर्ट के नियंत्रण टावर और हेलीकॉप्टर हैंगर को निशाना बनाया।
ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि अमेरिकी सेना ने ईरान की प्रमुख संपत्तियों में से एक, खार्ग द्वीप पर स्थित सभी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।
खार्ग द्वीप ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं से वैश्विक बाजार में भेजा जाता है। यह द्वीप ईरान के दक्षिण में बुशेहर तट से लगभग 55 किलोमीटर दूर फारस की खाड़ी में स्थित है। यह एक कोरल द्वीप है, जिसकी समुद्री गहराई इतनी अधिक है कि यहाँ दुनिया के सबसे बड़े तेल टैंकर भी आसानी से लंगर डाल सकते हैं।
पाइपलाइनों के माध्यम से देश के कई प्रमुख तेल क्षेत्रों से कच्चा तेल यहाँ लाया जाता है और फिर टैंकरों के जरिए इसे दुनिया भर में भेजा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप के माध्यम से जाता है, इसलिए इसे अक्सर देश की आर्थिक जीवनरेखा कहा जाता है।
--आईएएन
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