ट्रंप का बड़ा खुलासा: ईरान का मध्य पूर्व पर नियंत्रण और इजरायल को नष्ट करने का इरादा
सारांश
Key Takeaways
- ईरान की योजनाएं समाप्त हो चुकी हैं।
- खर्ग द्वीप पर बमबारी से सैन्य ठिकाने नष्ट हुए।
- ट्रंप ने ऊर्जा ढांचे को नुकसान न पहुँचाने का निर्णय लिया।
- ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।
वाशिंगटन, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस) — अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष का प्रभाव कई देशों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान की योजना समग्र मध्य पूर्व पर नियंत्रण और इजरायल को पूर्ण रूप से नष्ट करने की थी। लेकिन, अब यह योजनाएं भी समाप्त हो चुकी हैं।
अमेरिका ने ईरान के महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप पर एक बड़ा बमबारी हमला किया है। ट्रंप ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने देश के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र पर स्थित सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है, जबकि जानबूझकर ऊर्जा ढांचे को नुकसान नहीं पहुँचाया गया।
ट्रंप ने लिखा, "मेरे आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी हमलों में से एक को अंजाम दिया। खर्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाने को नष्ट कर दिया गया। हमारे हथियार अत्याधुनिक हैं, लेकिन मानवता के कारण मैंने द्वीप पर स्थित तेल के बुनियादी ढांचे को नुकसान न पहुँचाने का निर्णय लिया।"
खर्ग द्वीप ईरान के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है और कच्चे तेल के निर्यात के लिए इसके सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। ईरान का अधिकांश तेल उत्पादन फारस की खाड़ी में स्थित इस द्वीप से ही आगे भेजा जाता है।
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समुद्री यातायात में कोई बाधा डालता है, तो वह अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं। उन्होंने लिखा, "अगर ईरान या कोई अन्य 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से जहाजों के सुरक्षित गुजरने में रुकावट डालता है, तो मैं तुरंत अपने इस फैसले पर दोबारा विचार करूंगा।"
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त हवाई हमले शुरू किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई अधिकारियों की मौत हुई थी। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया और इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्रीय सहयोगियों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे।