पश्चिम एशिया संकट: खार्ग द्वीप पर अमेरिका-इजरायल का हमला, रेलवे पुल को क्षति
सारांश
Key Takeaways
- ईरान पर अमेरिका और इजरायल का हमला जारी है।
- खार्ग द्वीप से अधिकांश ईरानी तेल का निर्यात होता है।
- हमले के बाद ईरान ने गंभीर चेतावनियाँ दी हैं।
तेहरान/तेल अवीव, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को स्थानीय मीडिया ने बताया कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खार्ग द्वीप के तेल टर्मिनल को लक्ष्य बनाया। इसके अलावा, काशान शहर के समीप स्थित याह्या अबाद रेलवे पुल पर हमले में दो लोगों की जान गई।
अर्द्ध सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी और आईआरएनए न्यूज एजेंसी ने इस घटना की पुष्टि की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार को उत्तर-पश्चिम ईरान में तब्रेज-जंजान हाईवे पर बने पुल के साथ-साथ याह्या अबाद रेलवे पुल और खार्ग को भी निशाना बनाया गया।
मेहर ने इस्फाहान के डिप्टी गवर्नर के हवाले से कहा कि इस हमले में दो लोग मारे गए। यह हमला इजरायली सेना की उस चेतावनी के बाद हुआ है जिसमें ईरानियों को स्थानीय समय के अनुसार रात 9 बजे तक अपनी “सुरक्षा” के लिए ट्रेनों का उपयोग न करने की सलाह दी गई थी।
खार्ग द्वीप में भी कई धमाके हुए हैं। ईरान के लगभग 80-90%25 कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप से किया जाता है। यहाँ बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, भंडारण और जहाजों में तेल भरने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल जहाजों में भरा जा सकता है।
ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज को खोलने का डेडलाइन मंगलवार रात 8 बजे (भारत के अनुसार सुबह साढ़े पांच बजे) निर्धारित किए जाने के बीच किए जा रहे हैं।
लगातार हो रहे इन हमलों के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका को गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनका जवाब केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे वहाँ के ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बना सकते हैं।
गार्ड्स ने धमकी भरे लहजे में कहा कि उन्होंने अब तक संयम बरता था, लेकिन अब वह समाप्त हो चुका है। बयान में कहा गया है कि ईरान अब अमेरिका और उसके सहयोगियों के ऐसे ढांचे को निशाना बना सकता है, जिससे उन्हें इस क्षेत्र के तेल और गैस संसाधनों से दूर किया जा सके। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सेना ने सीमाएँ पार कीं, तो परिणाम भयानक होगा।