अमेरिका की नज़र ईरान के खार्ग द्वीप पर, ट्रंप ने दी कब्जे की चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका ने ईरान के तेल पर कब्जा करने की योजनाएँ बनाई हैं।
- खार्ग द्वीप पर कब्जा ईरान के तेल निर्यात को प्रभावित कर सकता है।
- रिपोर्टों के अनुसार, पेंटागन क्षेत्र में सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है।
- संघर्ष से वैश्विक तेल कीमतें प्रभावित हो रही हैं।
- अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति हो रही है।
वाशिंगटन, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पिछले एक महीने से जारी संघर्ष के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह ईरान का तेल हासिल करना चाहते हैं और इसके प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना सकते हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "सच में, मेरी सबसे पसंदीदा चीज़ ईरान का तेल लेना है।" उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की, जहां वाशिंगटन ने जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद से तेल उद्योग पर नियंत्रण बनाए रखने की इच्छा जताई है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का तेल लेना खार्ग द्वीप पर कब्जा करने का संकेत देता है, जो ईरान के 90 प्रतिशत से अधिक तेल का निर्यात करता है। रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि इस तरह के हमले से हताहतों की संख्या बढ़ सकती है और युद्ध लंबा खिंच सकता है।
रिपोर्ट में ट्रंप के हवाले से कहा गया, "हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं, या नहीं भी कर सकते। हमारे पास कई विकल्प हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब होगा कि हमें वहां कुछ समय रहना पड़ेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका मानना है कि द्वीप पर ईरान की सुरक्षा व्यवस्था बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं है। उन्होंने कहा, "हम बहुत आसानी से इस पर कब्जा कर सकते हैं।"
यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है और ईरान से लगभग 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए संभावित सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अपने सलाहकारों से ईरान से युद्ध समाप्त करने की शर्त पर सामग्री सौंपने के लिए दबाव डालने को भी कहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पेंटागन इस क्षेत्र में 10,000 तक अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को घोषणा की कि 2,500 मरीन सहित 3,500 से अधिक सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं।
इस खतरे के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के जरिए चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा, "बहुत जल्द कोई समझौता हो सकता है।"
यह ध्यान देने योग्य है कि इजरायल और अमेरिका की ईरान के साथ लड़ाई को एक महीने से अधिक समय हो चुका है। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। इसके बाद से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी आई है। मार्च में ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 119.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो जून 2022 के बाद से सबसे अधिक है।