इराक में अली अल-जैदी ने ली PM पद की शपथ, गृह-रक्षा मंत्रालय पर सहमति अभी बाकी
सारांश
मुख्य बातें
इराक के नवनियुक्त प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने 15 मई 2026 को बगदाद में अपने आंशिक मंत्रिमंडल के साथ पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। संसद में जारी राजनीतिक गतिरोध के चलते गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय सहित कई अहम विभागों पर अभी सहमति नहीं बन सकी, जिससे नई सरकार का गठन अधूरा रह गया।
संसद ने 14 मंत्रियों को दी मंजूरी
स्पीकर हैबत अल-हलबूसी की अध्यक्षता में हुए संसदीय सत्र में 266 सांसदों ने कैबिनेट के 14 सदस्यों के पक्ष में मतदान किया। शेष मंत्रालयों पर वोटिंग राजनीतिक बातचीत जारी रहने के कारण स्थगित कर दी गई। मंजूरी पाने वालों में फुआद हुसैन शामिल हैं, जिन्होंने विदेश मंत्री के रूप में अपना पद बरकरार रखा। इसके अलावा मोहम्मद खुदेर को तेल मंत्री और फलेह अल-सारी को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया।
संवैधानिक प्रक्रिया और समय-सीमा
इराकी संविधान के अनुसार, किसी भी प्रधानमंत्री को आधिकारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले संसद से अपने मंत्रिमंडल और सरकारी कार्यक्रम की स्वीकृति अनिवार्य रूप से लेनी होती है। प्रधानमंत्री पद के लिए नामित व्यक्ति को कैबिनेट और सरकारी कार्यक्रम संसद के समक्ष रखने के लिए 30 दिन का समय दिया जाता है, ताकि विश्वास मत हासिल किया जा सके।
गौरतलब है कि 27 अप्रैल को इराक के राष्ट्रपति निज़ार अमेदी ने अल-जैदी को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किया था। अल-जैदी को 'कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क' का समर्थन प्राप्त है, जो संसद का सबसे बड़ा गठबंधन है और जिसमें प्रमुख शिया दल शामिल हैं।
इराक की सत्ता-साझेदारी की व्यवस्था
यह ऐसे समय में आया है जब इराक की राजनीतिक संरचना 2003 से चली आ रही सत्ता-साझेदारी की परंपरा पर टिकी है। इस व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति पद कुर्द समुदाय को, संसद अध्यक्ष पद सुन्नी मुस्लिम को और प्रधानमंत्री पद शिया मुस्लिम को दिया जाता है। गृह और रक्षा जैसे संवेदनशील मंत्रालयों पर सहमति न बनना इसी जटिल सत्ता-समीकरण का परिणाम है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया
इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अल-जैदी के नामांकन पर बधाई देते हुए इसे बगदाद में नई सरकार गठन की दिशा में अहम कदम बताया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'इराक के अगले प्रधानमंत्री के रूप में नामित होने पर अली अल-जैदी को बधाई।' उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार सुरक्षा और प्रशासन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करेगी।
ट्रंप ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि वह ऐसी नई सरकार बनाएंगे जो आतंकवाद से मुक्त हो और इराक के लोगों को बेहतर भविष्य दे सके।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अल-जैदी के नेतृत्व में अमेरिका-इराक संबंध और प्रगाढ़ हो सकते हैं — 'यह हमारे देशों के बीच एक शानदार नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है, जिसमें समृद्धि, स्थिरता और सफलता देखने को मिलेगी।'
आगे की राह
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अल-जैदी गृह और रक्षा मंत्रालय जैसे संवेदनशील पदों पर कब तक राजनीतिक सहमति बना पाते हैं। इन मंत्रालयों का खाली रहना नई सरकार की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है, खासकर ऐसे समय में जब इराक आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता की चुनौतियों से जूझ रहा है।