सुरक्षा चिंताओं के चलते नाटो की इराक से अस्थायी वापसी
सारांश
Key Takeaways
- नाटो मिशन ने सुरक्षा चिंताओं के चलते कर्मियों की अस्थायी वापसी की।
- यह कदम जारी संघर्ष और सुरक्षा चिंताओं के कारण उठाया गया है।
- मिशन 2018 में इराकी सरकार के अनुरोध पर स्थापित हुआ था।
- नाटो कर्मियों ने इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण दिया है।
- स्थानीय सुरक्षा स्थिति स्थिर होने पर नाटो वापसी करेगा।
बगदाद, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इराक में नाटो मिशन ने सुरक्षा चिंताओं के चलते अपने कर्मचारियों की अस्थायी वापसी आरंभ कर दी है। एक उच्च सुरक्षा सूत्र ने इराकी समाचार एजेंसी (आईएनए) को यह जानकारी दी।
सूत्र ने इस कदम को एक अस्थायी उपाय बताया, जो जारी संघर्ष और मिशन के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के कारण उठाया गया है। उसने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त होते ही और इराक में सुरक्षा स्थिति स्थिर होने पर वे वापस लौट आएंगे। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने आईएनए के हवाले से यह जानकारी दी।
इराक में नाटो मिशन एक गैर-लड़ाकू सलाहकार मिशन है जिसे 2018 में इराकी सरकार के अनुरोध पर स्थापित किया गया था ताकि उसके सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत किया जा सके।
यह गैर-लड़ाकू मिशन 2018 में इराकी अधिकारियों के अनुरोध पर स्थापित किया गया था, ताकि देश को अपनी सुरक्षा बलों को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहायता मिल सके। नाटो कर्मियों ने इराक के सुरक्षा बलों के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया, लेकिन गठबंधन के अनुसार वे उनके साथ युद्ध अभियानों में तैनात नहीं थे।
यूरोप में नाटो बलों के कमांडर, अमेरिकी वायु सेना के जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने स्थानांतरण में सहायता करने के लिए इराक और सहयोगियों का धन्यवाद किया।
ग्रिनकेविच ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, “मैं नाटो मिशन इराक के समर्पित पुरुषों और महिलाओं का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस अवधि के दौरान अपना मिशन जारी रखा। वे सच्चे पेशेवर हैं।”
यह अस्थायी वापसी 28 फरवरी से ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हो रही है, जिसके जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मध्य पूर्व में इज़राइल और अमेरिकी हितों पर हमले किए।