सुरक्षा चिंताओं के चलते पोलैंड ने इराक से अपने सैनिकों की वापसी की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- पोलैंड ने इराक से सैनिकों की वापसी की घोषणा की है।
- यह निर्णय सुरक्षा स्थितियों के आकलन के बाद लिया गया।
- अधिकांश पोलिश सैनिक पहले ही लौट चुके हैं।
- नाटो मिशन ने भी अस्थायी वापसी शुरू की।
- यह कदम इराक में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया।
वारसॉ, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में सुरक्षा की स्थिति के बिगड़ने के कारण पोलैंड ने इराक से अपने सैनिकों की वापसी का निर्णय लिया है। यह जानकारी रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक कामिश ने दी।
यह महत्वपूर्ण निर्णय परिचालन परिस्थितियों और संभावित खतरों के मूल्यांकन के बाद लिया गया। कोसिनियाक कामिश ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की।
शिन्हुआ के अनुसार, पोलिश प्रेस एजेंसी ने बताया कि इराक में अधिकतम 350 पोलिश सैनिकजॉर्डन, कतर और कुवैत में भी संचालन की अनुमति थी।
कोसिनियाक कामिश ने बताया कि अधिकतर कर्मचारी पहले ही पोलैंड लौट चुके हैं या लौटने के रास्ते में हैं, जबकि कुछ को अपना मिशन जारी रखने के लिए जॉर्डन स्थानांतरित किया गया है।
इस बीच, नाटो मिशन ने भी सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने कर्मियों की अस्थायी वापसी शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र ने इराकी न्यूज़ एजेंसी (आईएनए) को बताया कि यह कदम जारी संघर्ष और सुरक्षा चिंताओं के कारण उठाया गया है।
सूत्र ने बताया कि जब युद्ध समाप्त होगा और इराक में सुरक्षा की स्थिति सामान्य होगी, तब वे वापस लौटेंगे।
गैर-लड़ाकू सलाहकार नाटो मिशन इराक 2018 में इराकी सरकार के अनुरोध पर स्थापित किया गया था, ताकि उसके सुरक्षा क्षेत्र को मजबूती प्रदान की जा सके।
यह अस्थायी वापसी 28 फरवरी को तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हुई, जिसमें ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडर और नागरिकों की मौत हुई।
ईरान ने इस पर प्रतिक्रिया करते हुए मध्य पूर्व में इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें शुरू कीं।