अमेरिका का इराक पर दबाव: ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ कार्रवाई करो, ₹600 से अधिक हमलों का हवाला

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अमेरिका का इराक पर दबाव: ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ कार्रवाई करो, ₹600 से अधिक हमलों का हवाला

सारांश

अमेरिकी विदेश विभाग ने इराक को साफ संदेश दिया है — ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ बातें नहीं, कार्रवाई चाहिए। क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान इराक में 600 से अधिक अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के बाद वॉशिंगटन का धैर्य जवाब दे रहा है, और बगदाद की प्रतिक्रिया दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करेगी।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश विभाग ने 6 मई 2026 को इराक पर ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ "ठोस कार्रवाई" का दबाव डाला।
क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान इराक में अमेरिकी ठिकानों पर 600 से अधिक हमले हो चुके हैं।
अमेरिका ने माँग की कि मिलिशिया को राज्य संस्थाओं से बाहर निकाला जाए, इराकी बजट से उनकी सहायता बंद हो और लड़ाकों का वेतन रोका जाए ।
अधिकारी ने कहा कि इराकी राज्य के कुछ तत्व इन मिलिशिया को राजनीतिक, वित्तीय और परिचालन संरक्षण देते रहे हैं।
अमेरिका ने एक स्पष्ट नीति बयान की माँग की जिसमें कहा जाए कि आतंकवादी मिलिशिया इराकी राज्य का हिस्सा नहीं हैं ।

अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 6 मई 2026 को इराक के नेतृत्व पर ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ "ठोस कार्रवाई" करने का दबाव डाला है। अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वॉशिंगटन को "बातें नहीं, कार्रवाई" चाहिए, क्योंकि क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की संख्या 600 से अधिक हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "मुझे लगता है कि इराकी नेता, जिनमें प्रधानमंत्री-नामित भी शामिल हैं, यह समझते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका क्या चाहता है। हमें बातें नहीं, कार्रवाई चाहिए।" यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में व्यापक तनाव के बाद से क्षेत्रीय अस्थिरता महीनों से बनी हुई है।

अधिकारी ने यह भी रेखांकित किया कि इराकी राज्य और इन मिलिशिया के बीच की सीमा रेखा अब "बहुत धुंधली" हो चुकी है। अमेरिका इन समूहों को आतंकवादी संगठन मानता है और उसका आरोप है कि ये इराक की राज्य संस्थाओं में गहराई तक घुस चुके हैं।

अमेरिका की माँगें

अधिकारी ने ठोस कदमों की रूपरेखा पेश करते हुए कहा कि कार्रवाई की शुरुआत तीन बिंदुओं से हो सकती है: राज्य की किसी भी संस्था से आतंकवादी मिलिशिया को बाहर निकालना, इराकी बजट से उनकी सहायता बंद करना, और इन लड़ाकों का वेतन रोकना। उन्होंने कहा, "ये वे ठोस कदम हैं जो हमें भरोसा दिलाएंगे कि सोच में बदलाव आया है।"

इसके अलावा, अधिकारी ने एक स्पष्ट नीति बयान की माँग की — "बिना किसी अस्पष्टता के" — जिसमें यह घोषित किया जाए कि आतंकवादी मिलिशिया इराकी राज्य का हिस्सा नहीं हैं

सुरक्षा खतरे की गंभीरता

अधिकारी ने क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान अमेरिकी कर्मियों के सामने आए सुरक्षा खतरे को रेखांकित करते हुए कहा, "क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान हमने इराक में अमेरिकी ठिकानों पर 600 से अधिक हमलों का सामना किया।" यह आँकड़ा वॉशिंगटन की चिंता की गहराई को दर्शाता है।

गौरतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इराकी राज्य के कुछ तत्व इन मिलिशिया को राजनीतिक, वित्तीय और परिचालन संरक्षण देते रहे हैं। अधिकारी ने स्वयं माना कि "इस चुनौती की गंभीरता और इन संबंधों को अलग करने के लिए जो करना होगा, उसे कम करके नहीं आँका जा सकता।"

अमेरिका-इराक संबंधों पर असर

इन बयानों से स्पष्ट होता है कि ईरान से जुड़े सशस्त्र गुटों पर बगदाद की इच्छाशक्ति और क्षमता को लेकर वॉशिंगटन का आकलन अभी भी संदेहपूर्ण बना हुआ है। यह मुद्दा अमेरिका-इराक संबंधों में एक केंद्रीय चिंता बना हुआ है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में व्यापक भू-राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है और दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग की दिशा तय होनी बाकी है। आने वाले हफ्तों में बगदाद की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि द्विपक्षीय संबंध किस रास्ते पर जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रह जाता है कि क्या वॉशिंगटन के पास बगदाद पर पर्याप्त उत्तोलन है — या यह बयानबाजी घरेलू अमेरिकी राजनीति के लिए भी उतनी ही है जितनी इराकी नीति के लिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने इराक पर किस बात का दबाव डाला है?
अमेरिकी विदेश विभाग ने इराक से ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ ठोस कार्रवाई की माँग की है। इसमें इन समूहों को राज्य संस्थाओं से बाहर निकालना, इराकी बजट से उनकी फंडिंग बंद करना और लड़ाकों का वेतन रोकना शामिल है।
इराक में अमेरिकी ठिकानों पर कितने हमले हुए हैं?
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान इराक में अमेरिकी ठिकानों पर 600 से अधिक हमले हो चुके हैं। यह आँकड़ा वॉशिंगटन की बढ़ती चिंता का प्रमुख कारण है।
अमेरिका इराकी मिलिशिया को क्यों खतरनाक मानता है?
अमेरिका इन ईरान समर्थित मिलिशिया को आतंकवादी संगठन मानता है और आरोप लगाता है कि ये इराकी राज्य संस्थाओं में गहराई तक घुस चुके हैं। अधिकारी के अनुसार, इराकी राज्य के कुछ तत्व इन्हें राजनीतिक, वित्तीय और परिचालन संरक्षण भी देते रहे हैं।
अमेरिका-इराक संबंधों पर इसका क्या असर होगा?
यह मुद्दा अमेरिका-इराक संबंधों में एक केंद्रीय चिंता बना हुआ है। वॉशिंगटन यह आकलन कर रहा है कि बगदाद ईरान से जुड़े सशस्त्र गुटों पर नियंत्रण करने के लिए कितना इच्छुक और सक्षम है, और इराक की प्रतिक्रिया द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय करेगी।
इराक और ईरान समर्थित मिलिशिया के बीच क्या संबंध है?
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इराकी राज्य और इन मिलिशिया के बीच की सीमा रेखा "बहुत धुंधली" हो चुकी है। ये समूह इराकी संसद, सुरक्षा तंत्र और बजट प्रणाली में गहरे पैठे हुए हैं, जिससे इन्हें अलग करना राजनीतिक रूप से जटिल है।
राष्ट्र प्रेस
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