दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र शुरू, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव पेश होगा

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दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र शुरू, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव पेश होगा

सारांश

दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र महज़ औपचारिकता नहीं — यह BJP का उस विपक्षी एकजुटता पर सीधा जवाब है जिसने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोका। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का निंदा प्रस्ताव महिला आरक्षण को 2029 के चुनावी एजेंडे में सबसे आगे रखने की रणनीतिक कोशिश है।

Key Takeaways

  • दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र 28 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ।
  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम न पारित होने पर निंदा प्रस्ताव पेश करेंगी।
  • BJP विधायक नियम 280 के तहत काली पट्टी बाँधकर सदन पहुँचे।
  • विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि 28 अप्रैल 1918 को इसी भवन में 120 प्रतिनिधियों का युद्ध सम्मेलन हुआ था।
  • सदन में आशा भोसले के निधन पर शोक और प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों को एक मिनट का मौन

नई दिल्ली में 28 अप्रैल 2026 को दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र शुरू हुआ, जिसमें लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) के गिरने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से निंदा प्रस्ताव पेश किया जाना है। सदन के बाहर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में BJP विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।

सदन में क्या हुआ

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सत्र की शुरुआत में बताया कि 108 वर्ष पूर्व 28 अप्रैल 1918 को इसी ऐतिहासिक भवन के चेंबर में एक युद्ध सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसमें देश भर से 120 प्रतिनिधि — रजवाड़ों और नेताओं के प्रतिनिधि — शामिल हुए थे। सदन में पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

काली पट्टी और नियम 280

BJP विधायक नियम 280 के तहत हाथ पर काली पट्टी बाँधकर सदन पहुँचे और अपने क्षेत्र की समस्याएँ उठाईं। यह काली पट्टी लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के गिरने के विरोध का प्रतीक है। गौरतलब है कि यह विधेयक विपक्ष की एकजुट आपत्ति के बाद पारित नहीं हो सका।

मंत्रियों और विधायकों की प्रतिक्रिया

दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने पत्रकारों से कहा,

Point of View

लेकिन एक राज्य विधानसभा का निंदा प्रस्ताव संसदीय प्रक्रिया को प्रभावित नहीं कर सकता — यह सांकेतिक राजनीति है। असली सवाल यह है कि BJP सरकार महिला आरक्षण के लिए केंद्र स्तर पर क्या ठोस कदम उठाती है। 2029 की समयसीमा और '850 सीटों' की शर्त पहले से ही विवादास्पद है। बिना संवैधानिक संशोधन की स्पष्ट रूपरेखा के, यह प्रस्ताव चुनावी संदेश तो दे सकता है, लेकिन करोड़ों महिलाओं के वास्तविक प्रतिनिधित्व की गारंटी नहीं।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र क्यों बुलाया गया?
यह सत्र लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) के पारित न होने के विरोध में बुलाया गया। BJP सरकार इस मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव पेश करेगी और महिलाओं के साथ एकजुटता का संदेश देगी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है और यह क्यों विवादास्पद है?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक महिला आरक्षण विधेयक है जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। लोकसभा में यह विधेयक विपक्ष की एकजुट आपत्ति के चलते पारित नहीं हो सका, जिसे BJP ने महिलाओं के साथ विश्वासघात बताया।
दिल्ली विधानसभा में BJP विधायकों ने काली पट्टी क्यों बाँधी?
BJP विधायकों ने नियम 280 के तहत हाथ पर काली पट्टी बाँधकर सदन में प्रवेश किया, जो महिला आरक्षण विधेयक के न पारित होने के विरोध का प्रतीक था। इसी के साथ उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएँ भी सदन में उठाईं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का निंदा प्रस्ताव क्या माँग करता है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का निंदा प्रस्ताव विपक्ष द्वारा लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को रोकने की निंदा करता है। सरकार का कहना है कि यह दिल्ली और देश की महिलाओं के प्रति BJP की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
28 अप्रैल 1918 को दिल्ली विधानसभा भवन में क्या हुआ था?
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के अनुसार, 108 वर्ष पूर्व 28 अप्रैल 1918 को इसी ऐतिहासिक भवन के चेंबर में एक युद्ध सम्मेलन हुआ था जिसमें देश भर से 120 प्रतिनिधि — रजवाड़ों और नेताओं के प्रतिनिधि — शामिल हुए थे।
Nation Press