दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र शुरू, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव पेश होगा
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र 28 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम न पारित होने पर निंदा प्रस्ताव पेश करेंगी।
- BJP विधायक नियम 280 के तहत काली पट्टी बाँधकर सदन पहुँचे।
- विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि 28 अप्रैल 1918 को इसी भवन में 120 प्रतिनिधियों का युद्ध सम्मेलन हुआ था।
- सदन में आशा भोसले के निधन पर शोक और प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों को एक मिनट का मौन।
नई दिल्ली में 28 अप्रैल 2026 को दिल्ली विधानसभा का पाँचवाँ विशेष सत्र शुरू हुआ, जिसमें लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) के गिरने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से निंदा प्रस्ताव पेश किया जाना है। सदन के बाहर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में BJP विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।
सदन में क्या हुआ
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सत्र की शुरुआत में बताया कि 108 वर्ष पूर्व 28 अप्रैल 1918 को इसी ऐतिहासिक भवन के चेंबर में एक युद्ध सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसमें देश भर से 120 प्रतिनिधि — रजवाड़ों और नेताओं के प्रतिनिधि — शामिल हुए थे। सदन में पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
काली पट्टी और नियम 280
BJP विधायक नियम 280 के तहत हाथ पर काली पट्टी बाँधकर सदन पहुँचे और अपने क्षेत्र की समस्याएँ उठाईं। यह काली पट्टी लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के गिरने के विरोध का प्रतीक है। गौरतलब है कि यह विधेयक विपक्ष की एकजुट आपत्ति के बाद पारित नहीं हो सका।
मंत्रियों और विधायकों की प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने पत्रकारों से कहा,