शिवराज सिंह चौहान का विपक्ष पर बड़ा हमला: 'बांग्लादेश मॉडल' की आड़ में देश तोड़ने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आयोजित एक युवा संवाद कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। चौहान ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, और यह मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
चौहान वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उन्होंने भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में सात राज्यों से आए युवाओं के साथ पौधरोपण किया और उनसे सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए रचनात्मक युवा शक्ति तैयार करने में माई भारत एक बड़ा मंच है।
विपक्ष पर सीधा निशाना
चौहान ने बांग्लादेश मॉडल को आदर्श बताने और 'रेजीम चेंज' की बात करने वाले विपक्षी नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि 'अब इरादे जाहिर हो गए हैं और दिल की बात जुबान पर आ गई है।' उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के मन में भी सत्ता परिवर्तन की इच्छा है, लेकिन चुनाव में जीत न मिलने के कारण विपक्ष दूसरा रास्ता तलाश रहा है।
उन्होंने कहा, 'कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं का हवाला देकर देश में अशांति फैलाने और लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।' चौहान के अनुसार, जनता का समर्थन प्राप्त किए बिना सत्ता परिवर्तन की बातें करना और अराजकता फैलाने की कोशिश करना उचित नहीं है।
मोदी के समर्थन में बयान
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता के हृदय में बसते हैं और जनता उन्हें अपना समर्थन देती है। उन्होंने तर्क दिया कि जनता विपक्ष को कई बार चुनाव में नकार चुकी है और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष को बार-बार चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।
सांस्कृतिक-राष्ट्रीय संदर्भ
अपने संबोधन में चौहान ने भारत की सांस्कृतिक विरासत का हवाला देते हुए कहा, 'यह भारत है, बांग्लादेश नहीं। यहाँ भगवान राम की मर्यादा और भगवान कृष्ण की नीति का सम्मान किया जाता है।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में हुए राजनीतिक उलटफेर को लेकर भारतीय राजनीति में बहस जारी है।
गौरतलब है कि विभिन्न विपक्षी नेताओं द्वारा बांग्लादेश की घटनाओं का उल्लेख करने के बाद सत्तापक्ष की ओर से यह प्रतिक्रिया तेज हुई है। चौहान ने कहा कि देश की जनता नकारात्मक राजनीति और अशांति फैलाने वाले प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी।
आगे क्या
इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्ष के बीच वाकयुद्ध और तेज होने की संभावना है। माई भारत जैसे युवा-केंद्रित मंचों पर BJP के बढ़ते फोकस से स्पष्ट है कि पार्टी अगले चुनावी चक्र से पहले युवा मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।