लोकसभा में हंगामा: शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर उठाए सवाल, क्यों नहीं कर रहे चर्चा?

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लोकसभा में हंगामा: शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर उठाए सवाल, क्यों नहीं कर रहे चर्चा?

सारांश

लोकसभा में मंगलवार को जब विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के मुद्दों पर चर्चा में बाधा डालने के लिए विपक्ष की आलोचना की। यह घटना किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों की चर्चा को प्रभावित करती है।

Key Takeaways

  • ओपोजिशन ने नारेबाजी की और सदन की कार्यवाही को बाधित किया।
  • शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • कृषि मंत्री ने भारत की कृषि उपलब्धियों का जिक्र किया।
  • सदन में कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी।
  • पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाए गए।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में मंगलवार को उस समय ज़बरदस्त हंगामा हुआ जब विपक्षी सांसदों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों से संबंधित मुद्दों और कृषि नीतियों पर अपनी बात रख रहे थे। लगातार शोर के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया।

सत्र आरंभ होते ही कई विपक्षी सांसद सदन के वेल में पहुंच गए और वोट चोरी के आरोपों को लेकर नारेबाजी करने लगे। उस समय कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहीं संध्या राय ने कई बार सांसदों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन इसके बावजूद नारेबाजी और शोरगुल जारी रहा।

हंगामे के बीच शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उस समय सदन में किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही थी, लेकिन विपक्ष ने इसे बाधित कर दिया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "ये किसानों के मुद्दे हैं। आखिर ये लोग सुनना क्यों नहीं चाहते?" उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की निंदा करते हुए कहा कि देश इस व्यवहार को कभी माफ नहीं करेगा।

कृषि मंत्री ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना लागू नहीं की गई है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, "यह कैसी गंदी राजनीति है? क्या वे सोचते हैं कि अगर किसान मर रहा है तो उसे मरने दिया जाए? ऐसा कैसे हो सकता है?" उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी योजनाओं को लागू न करना गंभीर बात है।

इस दौरान कृषि मंत्री ने कृषि उत्पादन के आंकड़ों का भी जिक्र किया और कहा कि भारत ने धान उत्पादन में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारत ने 15 करोड़ टन चावल का उत्पादन कर दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है और इस मामले में चीन को भी पीछे छोड़ दिया है।

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि सिर्फ चावल ही नहीं, बल्कि गेहूं, सरसों, सोयाबीन और मूंगफली के उत्पादन में भी देश ने रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "ये लोग शायद इसे सुनना नहीं चाहते, लेकिन दुनिया भारत की तारीफ कर रही है।"

इधर विपक्षी सांसद सदन के वेल में तख्तियां दिखाते हुए लगातार नारेबाजी करते रहे और चेयर की बार-बार की अपील के बावजूद अपनी जगह पर लौटने को तैयार नहीं हुए।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल हैं, जिनके जवाब देश और किसान जानना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष नहीं चाहता कि देश सच्चाई जाने। मैं विपक्ष की इस राजनीति की कड़ी निंदा करता हूं।"

लगातार जारी हंगामे के कारण सदन की सामान्य कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

Point of View

बल्कि यह किसानों के हितों के लिए भी चिंताजनक है। यह स्थिति दर्शाती है कि राजनीतिक संवाद कितना महत्वपूर्ण है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि विपक्ष किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में बाधा डाल रहा है।
लोकसभा में नारेबाजी का कारण क्या था?
नारेबाजी का कारण वोट चोरी के आरोप थे, जिन पर विपक्षी सांसद विरोध कर रहे थे।
कृषि मंत्री ने कृषि उत्पादन के बारे में क्या कहा?
कृषि मंत्री ने बताया कि भारत ने चावल, गेहूं, सरसों, सोयाबीन और मूंगफली के उत्पादन में रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है।
तृणमूल कांग्रेस पर शिवराज सिंह चौहान का आरोप क्या था?
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना लागू नहीं की गई है।
सदन की कार्यवाही क्यों स्थगित की गई?
लगातार जारी हंगामे के कारण सदन की सामान्य कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया था, इसलिए इसे स्थगित किया गया।
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