क्या देश को लंबे समय से नए लेबर कोड की आवश्यकता थी? : रविंद्र नागर
सारांश
Key Takeaways
ग्रेटर नोएडा, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने पहले के 29 लेबर कोड को चार नए लेबर कोड से प्रतिस्थापित किया है, जिससे श्रमिकों में खुशी का माहौल है। श्रमिक संगठनों ने इसे सरकार का ऐतिहासिक निर्णय मानते हुए स्वागत किया है।
नए लेबर कोड सुधारों पर श्रमिक संघ के रविंद्र नागर ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "यह सत्य है कि देश को लंबे समय से नए लेबर कानूनों की आवश्यकता थी, क्योंकि समय तेजी से बदल रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने नए लेबर कोड में कई सकारात्मक सुधार किए हैं। ये बदलाव श्रमिकों को न्याय दिलाने में मदद करेंगे। भविष्य में जैसे-जैसे परिस्थितियाँ बदलेंगी, ये सुधार अत्यधिक लाभकारी साबित होंगे।"
उन्होंने बताया कि चार लेबर कोड में कोड ऑन वेजेज, 2019, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020, कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020, और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, 2020 शामिल हैं। इसके परिवर्तन से अब श्रमिकों को काफी लाभ मिल सकता है।
रविंद्र नागर ने कहा कि इनमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर श्रमिक को न्याय प्राप्त हो सकेगा। हर व्यक्ति अपने अधिकारों से अवगत हो सकेगा और इस बारे में जानकारी साझा कर सकेगा, जबकि पहले इस विषय में लोगों को जानकारी नहीं होती थी। इसके कारण कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर लेते थे, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि ये नए कानून श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक होंगे। विशेष बात यह है कि जिन श्रमिकों को नौकरी की सुरक्षा मिलेगी, वे बेहतर तरीके से कार्य कर सकेंगे। इससे भविष्य में उद्योगपतियों को भी लाभ होगा। श्रमिकों को काम के दौरान जितनी अधिक गारंटी मिलेगी, उनका कार्य उतना ही बेहतर होगा।
रविंद्र नागर ने कहा कि इस सरकार ने इस पर ध्यान दिया है, मेरा मानना है कि इसे पहले ही किया जाना चाहिए था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के श्रमिकों के लिए इस तरह से सोचते रहते हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत में ऐसे प्रधानमंत्री हैं। हम इसके लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हैं।