क्या सोनू सूद ने 7 हजार गायों की देखभाल के लिए 22 लाख रुपए की मदद दी?
सारांश
Key Takeaways
- सोनू सूद की 22 लाख रुपए की मदद से गायों की देखभाल में सुधार होगा।
- गोशाला में 7,000 बेसहारा गायों की देखभाल की जा रही है।
- यह पहल समाज में जानवरों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देती है।
मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फिल्मी दुनिया के शानदार एक्शन हीरो दर्शकों को भले ही पसंद हों, लेकिन असली हीरो वही होते हैं जो जरूरतमंदों की मदद करते हैं। अभिनेता सोनू सूद ने पिछले कुछ वर्षों में लोगों की सहायता के लिए कई कदम उठाए हैं। हाल ही में, उन्होंने गुजरात में जानवरों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
सोनू सूद ने एक बार फिर साबित किया है कि वे एक जिम्मेदार और संवेदनशील इंसान हैं। कोरोना के दौरान प्रवासी मजदूरों से लेकर गरीबों की शिक्षा और चिकित्सा तक, सोनू सूद का नाम मदद के कार्यों में हमेशा शीर्ष पर रहा है।
उन्होंने गुजरात के वाराही में स्थित एक बड़े गोशाला को 22 लाख रुपए की आर्थिक मदद प्रदान की है। यह गोशाला लगभग 7,000 गायों का घर है, जहां बेसहारा, घायल और बचाई गई गायों की देखभाल की जाती है। इतनी बड़ी संख्या में गायों की देखभाल करना आसान नहीं है। रोजाना उनके खाने, पीने, चिकित्सा और रहने की व्यवस्था के लिए भारी संसाधनों की आवश्यकता होती है। इस संदर्भ में, सोनू सूद की यह मदद गोशाला के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
इस गोशाला की विशेषता यह है कि इसकी शुरुआत बहुत छोटे स्तर से हुई थी। कुछ गायों से शुरू होकर, यह सफर आज हजारों गायों तक पहुंच चुका है। सोनू सूद ने जब इस गोशाला का दौरा किया, तो वे बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यह गोशाला धीरे-धीरे बढ़ी और आज इतने बड़े स्तर पर काम कर रही है, यह पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। यह सिर्फ गोशाला चलाने वालों की मेहनत नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का एक उत्तम उदाहरण है।
सोनू सूद ने कहा, "गोशाला में काम करने वाले लोग जो सेवा कर रहे हैं, उनके सामने मेरी यह मदद बहुत छोटी है। अगर मेरी तरफ से दिया गया सहयोग गायों की देखभाल को बेहतर बनाने में थोड़ा भी काम आए, तो यह मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी होगी। यह राशि गोशाला में पशु चिकित्सा सुविधाओं, ढांचे को मजबूत करने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में उपयोग की जाएगी।"
गोशाला के दौरे के दौरान वहां के लोगों से मिले अपनत्व को लेकर सोनू सूद ने कहा, 'मुझे वहां जाकर बहुत अच्छा महसूस हुआ। मुझे गर्व है कि देश में ऐसे लोग हैं जो बिना किसी स्वार्थ के जानवरों की सेवा में लगे हैं। मैं आगे भी इस गोशाला से जुड़ा रहूंगा और समय-समय पर यहां आता रहूंगा।'