क्या कारोबारी रॉ मटेरियल और प्रोडक्ट्स गुजरात से खरीदने पर विचार कर रहे हैं?

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क्या कारोबारी रॉ मटेरियल और प्रोडक्ट्स गुजरात से खरीदने पर विचार कर रहे हैं?

सारांश

राजकोट में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया। कई उद्योगपतियों ने रॉ मटेरियल और प्रोडक्ट्स खरीदने का इरादा जताया है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, निवेश और कौशल विकास पर जोर दिया गया। क्या गुजरात का ये सम्मेलन देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है?

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया।
  • 700 स्क्वायर मीटर का स्वास्थ्य पवेलियन लगाया गया।
  • उद्योगपतियों ने रॉ मटेरियल खरीदने का इरादा जताया।
  • 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य।
  • स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया।

राजकोट, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस: सौराष्ट्र-कच्छ’ का उद्घाटन किया। इसके साथ ही राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में पांच दिन की बिजनेस एग्जिबिशन का भी उद्घाटन किया गया, जिससे ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाया गया और ‘ग्लोबल एम्बिशन के साथ रीजनल एस्पिरेशन्स’ की थीम को अपनाया गया।

इस कार्यक्रम में देश-विदेश से कई बिजनेसमैन और अधिकारी पहुंचे, जिन्होंने इस आयोजन को लेकर अपनी राय दी।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में उप-सचिव राजेश्वर लाल ने कहा कि 700 स्क्वायर मीटर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का पवेलियन लगाया गया है। स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी लोगों को दी जा रही है, साथ ही चेकअप भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यहां काउंसलिंग भी की जा रही है। ब्लड प्रेशर, शुगर, बुजुर्गों के लिए सरकार की सुविधाएं, आयुष्मान योजना आदि से लोगों को अवगत कराया जा रहा है। सरकार की योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी लोगों को दी जा रही है।

ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पराक्रमसिंह जडेजा ने कहा कि 1989 में मैंने अपनी कंपनी की स्थापना की थी और मैं राजकोट का ही रहने वाला हूं। विकसित भारत का प्रधानमंत्री का जो सपना है, उसे पूरा करने के लिए देशवासियों को काम करना है। हम भी इसमें योगदान दे रहे हैं। 2047 तक हमें 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचना है। इसमें 25 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग का योगदान होगा।

उन्होंने कहा कि हमारे लिए काफी संभावनाएं हैं और इसी को ध्यान में रखकर हम काम कर रहे हैं। हम अगले पांच साल में दस हजार करोड़ रुपए का निवेश करने जा रहे हैं। हम स्किल डेवलपमेंट पर काम करेंगे। हम एक स्कूल भी बनाएंगे, जहां बच्चों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।

एलएवी इको मैनेजमेंट सॉल्यूशंस एसआरएल, रोमानिया, के प्रतिनिधि ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हम वाटर मैनेजमेंट और वेस्ट वाटर मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करते हैं। हम यहां आकर बहुत खुश हैं। यह एक अच्छा कार्यक्रम है।

सांगेय क्रिएशन की संस्थापक सांगेय वांग्मो ने बताया कि हम खिलाने बनाते हैं। मैं यहां प्रोडक्ट्स और रॉ मटेरियल देखने के लिए आई हूं। यहां आने से पहले मैंने गुजरात के बारे में जानकारी एकत्र की थी और मुझे कई अच्छी बातें पता चलीं। यहां आने के बाद मुझे उम्मीदों से भी बेहतर चीजें देखने को मिलीं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रोडक्ट्स काफी अच्छे हैं। अब मैं यहां से रॉ मटेरियल और प्रोडक्ट्स लेने की योजना बना रही हूं।

अली असगर गांधी ने बताया कि मैं कई जगहों पर शामिल हुआ हूं, लेकिन यहां का अनुभव काफी अलग है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इसमें आए थे, जिससे हमें ऊर्जा मिली। कई लोगों से मिलकर बहुत जानकारी मिली है। हमें यह भी पता चला कि कहां हमसे गलतियां हो रही हैं और हम उनमें सुधार करेंगे।

Point of View

बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति और विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि भारत की आर्थिक दिशा में एक नई लहर आ रही है। यह एक ऐसा मंच है जो विकास और नवाचार को प्रोत्साहित करता है।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस क्या है?
यह एक व्यापारिक सम्मेलन है जिसमें देश-विदेश के कारोबारी और अधिकारी शामिल होते हैं।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से विषयों पर चर्चा हुई?
स्वास्थ्य, निवेश, कौशल विकास और रॉ मटेरियल पर चर्चा हुई।
क्या इस सम्मेलन का कोई आर्थिक प्रभाव होगा?
हां, यह सम्मेलन भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में सहायक होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की क्या भूमिका थी?
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया और विकास के लिए अपने दृष्टिकोण साझा किए।
कौन-कौन से उद्योगपतियों ने भाग लिया?
इसमें कई प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया, जिन्होंने अपने विचार साझा किए।
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