28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बोकारो में टास्क फोर्स के नाम पर तनिष्क शोरूम में डकैती की कोशिश नाकाम हो गई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बोकारो में टास्क फोर्स के नाम पर तनिष्क शोरूम में डकैती की कोशिश नाकाम हो गई?

सारांश

बोकारो में एक सुनियोजित डकैती के प्रयास को कर्मचारियों की चौकसी से नाकाम कर दिया गया। अपराधियों ने शोरूम में घुसकर लूटपाट का प्रयास किया, लेकिन अलार्म बजने पर भाग खड़े हुए। जानिए पूरी घटना का सच!

मुख्य बातें

शर्मनाक डकैती की कोशिश को नाकाम किया गया।
कर्मचारियों की सतर्कता से जान-माल की सुरक्षा हुई।
पुलिस की वर्दी में अपराधियों ने धोखा देने की कोशिश की।
अलार्म सिस्टम का महत्व एक बार फिर साबित हुआ।
सुरक्षा उपायों में चूक नहीं होनी चाहिए।

बोकारो, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के बोकारो जिले के सेक्टर-4 थाना क्षेत्र में स्थित सिटी सेंटर के तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में रविवार की शाम को एक सुनियोजित डकैती की बड़ी साजिश कर्मचारियों की सतर्कता और एकजुटता से नाकाम हो गई। अपराधी हथियारों का खौफ दिखाकर लूटपाट की कोशिश कर रहे थे, तभी एक कर्मचारी ने अलार्म बजा दिया। इससे घबराकर अपराधी भाग खड़े हुए।

घटना शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है। शोरूम प्रबंधन के अनुसार, सबसे पहले पांच युवक शोरूम में दाखिल हुए, जिनमें से दो पुलिस की वर्दी पहने हुए थे। उन्होंने खुद को स्पेशल टास्क फोर्स का सदस्य बताते हुए कहा कि वे शोरूम का सुरक्षा ऑडिट करने आए हैं। अपराधियों ने बड़ी चालाकी से एलार्म सिस्टम, अग्निशमन उपकरणों और अन्य सुरक्षा इंतजामों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने हाल के दिनों में ज्वेलरी शोरूम में बढ़ी लूट की घटनाओं का हवाला देकर कर्मचारियों का भरोसा जीतने की कोशिश की।

वर्दीधारी युवकों ने कुछ तस्वीरें दिखाते हुए कर्मचारियों से पूछा कि क्या इन लोगों को उन्होंने ग्राहक के रूप में पहले देखा है। साथ ही सभी कर्मचारियों को एक जगह इकट्ठा रहने को कहा गया। इसी बीच शोरूम मैनेजर अनिल कुमार को संदेह हुआ और उन्होंने कथित पुलिसकर्मियों से पहचान पत्र दिखाने तथा स्थानीय थाना प्रभारी से बात कराने की बात कही।

इसी दौरान शोरूम के मुख्य द्वार पर मास्क लगाए दो अन्य युवक अंदर घुसने लगे। वहां तैनात सशस्त्र सुरक्षा गार्ड रघु महतो ने उन्हें रोककर मास्क हटाने को कहा। इसपर एक अपराधी ने गार्ड को खींचकर अंदर ले और उसकी बंदूक छीन ली। इसके बाद सभी सातों अपराधियों ने पिस्टल निकाल ली और करीब 30 कर्मचारियों तथा 15 ग्राहकों को डराते हुए गहने और नकदी सौंपने को कहा।

स्थिति गंभीर होती देख एक कर्मचारी ने साहस दिखाते हुए शोरूम का अलार्म बजा दिया। तेज आवाज सुनते ही अपराधी घबरा गए। वे तुरंत प्रथम तल से नीचे उतरे और शोरूम के बाहर खड़ी तीन अपाची मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फरार हो गए। भागते समय वे छीनी गई बंदूक को नीचे फेंक गए।

घटना की सूचना मिलते ही सिटी डीएसपी आलोक रंजन और सेक्टर-4 थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि सातों अपराधी तीन मोटरसाइकिलों से आए थे और उनमें से दो पुलिस की वर्दी में थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को नाकाम किया जा सकता है। यह घटना न केवल बोकारो, बल्कि पूरे देश के लिए एक सीख है कि सुरक्षा उपायों में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोकारो में डकैती की कोशिश कब हुई?
यह घटना 11 जनवरी को हुई थी।
क्या डाकू पुलिस की वर्दी में थे?
हाँ, डाकुओं में से दो ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी।
कर्मचारियों ने क्या किया?
कर्मचारियों ने अलार्म बजाकर डाकुओं को भागने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
पुलिस ने घटना स्थल पर पहुँचकर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाली।
इस घटना से क्या सीख मिलती है?
सतर्कता और एकजुटता से हम किसी भी आपराधिक प्रयास को नाकाम कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले