देवेंद्र यादव ने अंबेडकर जयंती पर जताई चिंता, बेरोजगारी और नशा तस्करी पर उठाई आवाज
सारांश
Key Takeaways
- अंबेडकर जयंती का महत्व
- संविधान को कमजोर नहीं होने देना
- बेरोजगारी और नशा तस्करी पर चिंता
- न्यूनतम वेतन का अधिकार
- मतदाता सूची में त्रुटियां सुधारने की आवश्यकता
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने अंबेडकर जयंती पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए एक खुशियों का पल है।
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में डॉ. अंबेडकर के संविधान में योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने संविधान में सभी के लिए समानता का अधिकार प्रदान किया है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान में देश की स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे समय में हमें डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। हमें भाईचारा बढ़ाने और पिछड़े लोगों को समकक्ष लाने का कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर जयंती को कांग्रेस पार्टी के नेता भी मनाते हैं। इस विशेष दिन पर हमने यह संकल्प लिया कि हम संविधान को कमजोर नहीं होने देंगे। हम सब मिलकर देश की तरक्की के लिए काम करेंगे।
इसके साथ ही, उन्होंने नोएडा में श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि के लिए किए गए विरोध प्रदर्शन पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन सभी का अधिकार है और इसे किसी से भी नहीं छीना जा सकता।
बेरोजगारी के मुद्दे पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस समय देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। पहले लोग दिल्ली की ओर रोजगार की तलाश में आते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। आज देश भर में नशा तस्करी और बेरोजगारी बढ़ी है, जिससे लोग भ्रमित हैं।
उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसे इस समय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनकी मांग है कि त्रुटियों को खत्म किया जाए। बाकी अदालत के आदेश को मानने के लिए तैयार हैं।