14 जुलाई 2026
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क्या कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ है?

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क्या कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ है?

सारांश

आगरा की एसीजेएम-10 कोर्ट ने कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर को मानहानि मामले में 9 जुलाई को हाजिर होने का नोटिस जारी किया है। वाराणसी में उनके विवादास्पद बयानों के चलते यह मामला दर्ज किया गया है। यह कहानी उनके विवादों और सामाजिक प्रभाव पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

देवकी नंदन ठाकुर के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ है।
आगरा की एसीजेएम-10 कोर्ट ने 9 जुलाई को पेश होने का नोटिस जारी किया है।
बयान विवादास्पद रहा है और समाज में हलचल मचाई है।
यह मामला न्याय और समाज के प्रति ज़िम्मेदारियों को दर्शाता है।
देवकी नंदन ठाकुर पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं।

आगरा, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर की मुश्किलों में इजाफा हुआ है। उनके ऊपर मानहानि का मामला दर्ज किया गया है। आगरा की एसीजेएम-10 कोर्ट ने उन्हें 9 जुलाई को अदालत में हाजिर होने का नोटिस जारी किया है।

देवकी नंदन ठाकुर के खिलाफ यह मामला वाराणसी में उनके द्वारा कही गई एक कथा से जुड़ा हुआ है। 2 दिसंबर 2024 को वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित एक कथा में देवकी नंदन ठाकुर ने भारत विभाजन और कश्मीरी ब्राह्मणों के नरसंहार के लिए 'जयचंदों' को दोषी ठहराया था। उन्होंने कहा था कि जयचंदों के कारण सनातन धर्म को खतरा है और उनके कारण ही पाकिस्तान का निर्माण हुआ।

इस बयान को अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने मानहानिकारक बताते हुए आगरा की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रथम की अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दायर किया। अधिवक्ता ने कहा कि जयचंद, जो कन्नौज के राजा थे, को गद्दार कहने का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकुर का यह बयान क्षत्रिय समाज के लिए अपमानजनक है और इससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत विभाजन और कश्मीरी ब्राह्मणों का नरसंहार धर्म आधारित था और इसके लिए जयचंद को दोषी ठहराना गलत है।

इस मामले में देवकी नंदन ठाकुर को पहले भी कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण एसीजेएम-10 की अदालत ने अब नोटिस जारी कर उन्हें 9 जुलाई को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

यह पहला मौका नहीं है जब देवकी नंदन ठाकुर अपने बयानों के कारण विवादों में हैं। इससे पहले भी जनसंख्या नियंत्रण और वक्फ बोर्ड को लेकर की गई टिप्पणियों की वजह से वह विवादों में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावट के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से कठोर कार्रवाई की मांग की थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवकी नंदन ठाकुर के खिलाफ मानहानि का मामला कब दर्ज हुआ?
मानहानि का मामला हाल ही में आगरा की एसीजेएम-10 कोर्ट में दर्ज किया गया है।
क्या देवकी नंदन ठाकुर को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस मिला है?
हाँ , उन्हें 9 जुलाई को अदालत में हाजिर होने का नोटिस जारी किया गया है।
यह मामला किस बयान से संबंधित है?
यह मामला देवकी नंदन ठाकुर के उस बयान से संबंधित है जिसमें उन्होंने जयचंदों को भारत विभाजन के लिए दोषी ठहराया था।
क्या जयचंद को गद्दार कहने का कोई ऐतिहासिक प्रमाण है?
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह का कहना है कि ऐसा कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है।
क्या देवकी नंदन ठाकुर पहले भी विवादों में रहे हैं?
हाँ, देवकी नंदन ठाकुर पहले भी जनसंख्या नियंत्रण और वक्फ बोर्ड को लेकर विवादों में रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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