उत्तराखंड के नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन आज लेंगे शपथ, देहरादून में सुबह 11 बजे समारोह
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड को सोमवार, 20 अक्टूबर 2026 को नया राज्यपाल मिलने जा रहा है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन देहरादून स्थित लोक भवन परिसर में सुबह 11 बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित राज्य के कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
शपथ ग्रहण की तैयारियाँ पूर्ण
प्रशासनिक और प्रोटोकॉल स्तर पर शपथ ग्रहण समारोह की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। लोक भवन परिसर में सुबह 11 बजे आयोजित इस समारोह में डॉ. ढाल सिंह बिसेन औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करेंगे। जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की व्यापक उपस्थिति अपेक्षित है।
नए राज्यपाल के पदभार संभालते ही उत्तराखंड राजभवन की समस्त संवैधानिक जिम्मेदारियाँ उनके नेतृत्व में आगे बढ़ेंगी। गौरतलब है कि राज्यपाल पद राज्य के संवैधानिक तंत्र की धुरी होता है और राज्य सरकार के विधायी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री धामी का दिनभर का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार सुबह 11 बजे लोक भवन पहुँचकर शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद उनका कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में भाग लेने का है।
इस विश्वविद्यालय से संबंधित विकास कार्यों का लोकार्पण और विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 2:25 बजे मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में शासकीय कार्यों और प्रशासनिक मामलों का निपटारा करेंगे।
संवैधानिक महत्व
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में राज्यपाल का पद विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहाँ वन, भूमि और पर्यावरण से जुड़े कई संवेदनशील विधायी मामले राजभवन की स्वीकृति से गुजरते हैं। डॉ. ढाल सिंह बिसेन के पदभार ग्रहण करने के साथ राज्य प्रशासन को एक नया संवैधानिक नेतृत्व मिलेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएँ प्रगति पर हैं और राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा से लेकर बुनियादी ढाँचे तक विभिन्न मोर्चों पर सक्रिय है।
आगे क्या
शपथ ग्रहण के बाद डॉ. बिसेन राजभवन की दैनंदिन संवैधानिक गतिविधियाँ संभालेंगे। राज्य प्रशासन के साथ उनका समन्वय नई विकास योजनाओं और लंबित विधायी मामलों को गति देने में सहायक होगा। सोमवार का यह दिन उत्तराखंड के लिए नई प्रशासनिक पारी की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।