रिकॉर्ड मतदान से बौखलाई TMC: धर्मेंद्र प्रधान का डेरेक ओ'ब्रायन पर करारा पलटवार
सारांश
Key Takeaways
- धर्मेंद्र प्रधान ने 24 अप्रैल को TMC नेता डेरेक ओ'ब्रायन के बयान पर एक्स पर करारा पलटवार किया।
- डेरेक ओ'ब्रायन ने PM नरेंद्र मोदी को 4 मई को TMC की जीत के बाद इस्तीफा देने की चुनौती दी थी।
- पश्चिम बंगाल में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जिसे BJP ने अपने पक्ष में जनादेश बताया।
- प्रधान ने कहा कि TMC के तानाशाह अभूतपूर्व मतदाता भागीदारी को पचा नहीं पा रहे और यह उनकी राजनीतिक असुरक्षा दर्शाता है।
- केंद्रीय मंत्री ने चेतावनी दी कि 4 मई के जनादेश के बाद अहंकार और धमकी की राजनीति करने वालों को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।
- बंगाल में TMC बनाम BJP की यह लड़ाई राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अहम संकेत देने वाली मानी जा रही है।
नई दिल्ली, 24 अप्रैल: पश्चिम बंगाल में हुए रिकॉर्ड मतदान के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने TMC के राज्यसभा नेता डेरेक ओ'ब्रायन के उस बयान को राजनीतिक असुरक्षा की निशानी बताया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रधान ने कहा कि बंगाल की जनता अब TMC के भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ अपना फैसला सुनाने के लिए तैयार है।
डेरेक ओ'ब्रायन का विवादित बयान
TMC के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में लिखा कि नरेंद्र मोदी ने बंगाल की सभी 294 सीटों पर BJP उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को ममता बनर्जी और TMC की जीत तय है और मोदी को चुनौती स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए।
यह बयान तब आया जब पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव में अभूतपूर्व मतदाता भागीदारी दर्ज की गई, जिसे BJP ने अपने पक्ष में जनादेश के रूप में व्याख्यायित किया।
धर्मेंद्र प्रधान का करारा जवाब
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर पलटवार करते हुए लिखा कि इस बयान के पीछे का अहंकार यह साबित करता है कि डेरेक ओ'ब्रायन बंगाल की बदलती राजनीतिक हवा से पूरी तरह कटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि TMC के तानाशाह नेता, जो कभी पूरे राज्य को भय से नियंत्रित करते थे, अब राज्यव्यापी अभूतपूर्व मतदाता भागीदारी को पचा नहीं पा रहे।
प्रधान ने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं को TMC चुप कराना चाहती थी, वही आज ऐसा जनादेश देने की स्थिति में हैं जो दशकों पुरानी भय और मनमानी की राजनीति को जड़ से उखाड़ सकता है।
बंगाल की जनता का संदेश और लोकतांत्रिक महत्व
धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि जब डरा-धमकाकर शासन करने वाले नेता देश के प्रधानमंत्री को अल्टीमेटम देने लगते हैं, तो यह ताकत नहीं बल्कि राजनीतिक घबराहट और असुरक्षा का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने PM मोदी पर अपना भरोसा जताया है।
प्रधान के अनुसार, बंगाल के मतदाता अब TMC द्वारा वर्षों से किए जा रहे भ्रष्टाचार, घुसपैठ, हिंसा और राजनीतिक उत्पीड़न पर अपना फैसला सुनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
4 मई का फैसला और आगे की राह
केंद्रीय मंत्री ने चेतावनी दी कि 4 मई को जब बंगाल का जनादेश आएगा, तो लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता पर लापरवाह हमले करने वालों को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता यह स्पष्ट संदेश देगी कि अहंकार, अनादर और धमकी की राजनीति अब राज्य की लोकतांत्रिक इच्छाशक्ति पर हावी नहीं हो सकती।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक टकराव लंबे समय से चला आ रहा है। राज्य में चुनावी हिंसा और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। इस बार रिकॉर्ड मतदान को BJP ने जनता के आत्मविश्वास की वापसी के रूप में प्रस्तुत किया है।
4 मई को आने वाले चुनाव परिणाम न केवल बंगाल की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर दोनों दलों की रणनीति को नई दिशा देंगे। सभी की नजरें अब मतगणना के दिन पर टिकी हैं।