ध्रुव राठी को साकेत कोर्ट का नया समन, 'BJP IT सेल पार्ट-2' वीडियो मामले में 17 अक्टूबर को सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 12 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के 2018 के एक पुराने मामले में नए सिरे से समन जारी करने और गुरुग्राम स्थित उनके आवास पर दस्ती तामील की अनुमति दी है। शिकायतकर्ता विकास सांक्रित्यायन उर्फ विकास पांडे की ओर से दायर इस मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला ध्रुव राठी के 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2' शीर्षक वाले वीडियो से जुड़ा है, जिसे लेकर विकास पांडे ने कथित आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, 2019 से समन की तामील की प्रक्रिया में लगातार कठिनाइयाँ आती रहीं। गौरतलब है कि इसी वीडियो को रीट्वीट करने के संबंध में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष माफी माँगनी पड़ी थी, जिसने उस दौर में इस विवाद को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया था।
समन तामील की प्रक्रिया
दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुशांत कुमार ध्रुव राठी के गुरुग्राम आवास पर पहुँचे और नोटिस तामील कराने का प्रयास किया। उनके अनुसार, ध्रुव राठी को फोन किया गया, किंतु उन्होंने नोटिस लेने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद सोसायटी के सुरक्षा गार्ड की सहायता से घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया गया। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि इस प्रकार समन की भौतिक तामील पूरी कर दी गई है।
दूसरा मानहानि मामला
इसी बीच, अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने भी साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का अलग मुकदमा दायर किया है। उन्होंने बताया कि यह मामला एक वीडियो में भगवान राम और माता सीता के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से संबंधित है। उनकी याचिका में अदालत से भविष्य में ऐसे कंटेंट पर रोक और हर्जाने की माँग की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
ध्रुव राठी की अनुपस्थिति का पक्ष
शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी आरोप है कि ध्रुव राठी आमतौर पर भारत से बाहर रहते हैं और उनकी अनुपस्थिति के कारण अदालती कार्यवाही को आगे बढ़ाने में वर्षों से अवरोध आता रहा। हालाँकि, यह शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है और इसे मामले के आधिकारिक रिकॉर्ड के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। हाल ही में भारत में उनकी उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद तामील की प्रक्रिया तेज की गई।
आगे क्या होगा
साकेत कोर्ट में 17 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा तय होगी। दस्ती तामील के बाद अब अदालत यह आकलन करेगी कि समन की प्रक्रिया विधिसम्मत रूप से पूरी हुई है या नहीं। यह आठ साल पुराना मामला एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक विमर्श में केंद्र में आ गया है।