14 अक्टूबर 2026
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ध्रुव राठी को साकेत कोर्ट का नया समन, 'BJP IT सेल पार्ट-2' वीडियो मामले में 17 अक्टूबर को सुनवाई

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ध्रुव राठी को साकेत कोर्ट का नया समन, 'BJP IT सेल पार्ट-2' वीडियो मामले में 17 अक्टूबर को सुनवाई

सारांश

आठ साल बाद भी ध्रुव राठी के खिलाफ 'BJP IT सेल पार्ट-2' वीडियो मामले में समन तामील एक कानूनी चुनौती बनी रही — जब तक कि गुरुग्राम आवास पर नोटिस चस्पा नहीं किया गया। साकेत कोर्ट की 17 अक्टूबर की सुनवाई तय करेगी कि यह पुराना मामला अब किस दिशा में जाएगा।

मुख्य बातें

साकेत कोर्ट ने 12 अक्टूबर 2026 को यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले में नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया।
मामला 2018 का है और शिकायतकर्ता विकास पांडे ने 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2' वीडियो को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
अधिवक्ता सुशांत कुमार ने गुरुग्राम आवास पर नोटिस चस्पा किया; ध्रुव राठी ने कथित तौर पर नोटिस लेने से इनकार किया।
इसी वीडियो को रीट्वीट करने पर अरविंद केजरीवाल को सर्वोच्च न्यायालय से माफी माँगनी पड़ी थी।
अधिवक्ता अमिता सचदेवा का अलग मानहानि मामला भी साकेत कोर्ट में दायर, अगली सुनवाई 5 नवंबर को।
मुख्य मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर 2026 को निर्धारित।

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 12 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के 2018 के एक पुराने मामले में नए सिरे से समन जारी करने और गुरुग्राम स्थित उनके आवास पर दस्ती तामील की अनुमति दी है। शिकायतकर्ता विकास सांक्रित्यायन उर्फ विकास पांडे की ओर से दायर इस मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला ध्रुव राठी के 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2' शीर्षक वाले वीडियो से जुड़ा है, जिसे लेकर विकास पांडे ने कथित आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, 2019 से समन की तामील की प्रक्रिया में लगातार कठिनाइयाँ आती रहीं। गौरतलब है कि इसी वीडियो को रीट्वीट करने के संबंध में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष माफी माँगनी पड़ी थी, जिसने उस दौर में इस विवाद को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया था।

समन तामील की प्रक्रिया

दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुशांत कुमार ध्रुव राठी के गुरुग्राम आवास पर पहुँचे और नोटिस तामील कराने का प्रयास किया। उनके अनुसार, ध्रुव राठी को फोन किया गया, किंतु उन्होंने नोटिस लेने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद सोसायटी के सुरक्षा गार्ड की सहायता से घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया गया। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि इस प्रकार समन की भौतिक तामील पूरी कर दी गई है।

दूसरा मानहानि मामला

इसी बीच, अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने भी साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का अलग मुकदमा दायर किया है। उन्होंने बताया कि यह मामला एक वीडियो में भगवान राम और माता सीता के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से संबंधित है। उनकी याचिका में अदालत से भविष्य में ऐसे कंटेंट पर रोक और हर्जाने की माँग की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।

ध्रुव राठी की अनुपस्थिति का पक्ष

शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी आरोप है कि ध्रुव राठी आमतौर पर भारत से बाहर रहते हैं और उनकी अनुपस्थिति के कारण अदालती कार्यवाही को आगे बढ़ाने में वर्षों से अवरोध आता रहा। हालाँकि, यह शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है और इसे मामले के आधिकारिक रिकॉर्ड के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। हाल ही में भारत में उनकी उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद तामील की प्रक्रिया तेज की गई।

आगे क्या होगा

साकेत कोर्ट में 17 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा तय होगी। दस्ती तामील के बाद अब अदालत यह आकलन करेगी कि समन की प्रक्रिया विधिसम्मत रूप से पूरी हुई है या नहीं। यह आठ साल पुराना मामला एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक विमर्श में केंद्र में आ गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि डिजिटल-युग के कंटेंट क्रिएटर्स से जुड़े मामलों की व्यापक समस्या है। आठ साल बाद भी तामील का प्रश्न अनसुलझा रहना न्यायिक प्रक्रिया की गति पर गंभीर सवाल उठाता है। साथ ही, एक ही वीडियो पर एकाधिक मानहानि याचिकाओं का दायर होना यह संकेत देता है कि डिजिटल कंटेंट और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं पर कानूनी संघर्ष तेज हो रहा है। मुख्यधारा की कवरेज इस तथ्य को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि समन की तामील और दोष-सिद्धि के बीच की लंबी कानूनी राह में जवाबदेही और निष्पक्ष सुनवाई दोनों की परीक्षा होती है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ध्रुव राठी के खिलाफ साकेत कोर्ट में कौन-सा मामला दर्ज है?
साकेत कोर्ट में शिकायतकर्ता विकास पांडे ने 2018 में ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। यह मामला ध्रुव राठी के 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2' वीडियो से संबंधित है।
साकेत कोर्ट ने 12 अक्टूबर को क्या आदेश दिया?
अदालत ने 12 अक्टूबर 2026 को ध्रुव राठी के गुरुग्राम आवास पर नए सिरे से समन जारी करने और दस्ती तामील की अनुमति दी। शिकायतकर्ता पक्ष को प्रोसेस सर्वर के साथ जाकर तामील कराने की इजाजत भी दी गई।
ध्रुव राठी को समन तामील में इतने साल क्यों लगे?
शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि ध्रुव राठी आमतौर पर भारत से बाहर रहते हैं, जिससे 2019 से ही तामील की प्रक्रिया में कठिनाइयाँ आती रहीं। यह दावा शिकायतकर्ता पक्ष का है और इसे मामले के आधिकारिक रिकॉर्ड के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल का इस मामले से क्या संबंध है?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसी 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2' वीडियो को रीट्वीट किया था। उस रीट्वीट से जुड़े मामले में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष माफी माँगनी पड़ी थी।
ध्रुव राठी के खिलाफ दूसरा मानहानि मामला क्या है?
अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ अलग मानहानि मुकदमा दायर किया है, जो एक वीडियो में भगवान राम और माता सीता के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है। इस मामले में भविष्य में ऐसे कंटेंट पर रोक और हर्जाने की माँग की गई है, और अगली सुनवाई 5 नवंबर को है।
राष्ट्र प्रेस
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