27 जुलाई 2026
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क्या राहुल गांधी का ‘एटम बम’ वाला बयान वास्तव में आधारहीन है?

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क्या राहुल गांधी का ‘एटम बम’ वाला बयान वास्तव में आधारहीन है?

सारांश

राजनीतिक बयानबाजी में, दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी के 'एटम बम' को बेतुका बताया। इस साक्षात्कार में एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता और बिहार में चुनावी प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। क्या यह राजनीतिक बयान सिर्फ शोर है, या इसके पीछे कुछ ठोस है?

मुख्य बातें

दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी के बयानों को आधारहीन बताया।
एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी है और इसे शुद्धता के लिए लागू किया गया है।
अमित शाह का मंदिर निर्माण ऐतिहासिक कार्य है।

पटना, २ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के 'एटम बम' वाले बयान को आधारहीन बताया है। इसके साथ ही उन्होंने बिहार एसआईआर प्रक्रिया को भी पारदर्शी करार दिया।

राहुल गांधी के इस बयान पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि कोई भी बयान देने से पहले स proof पेश करना जरूरी है।

शनिवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए। साथ ही, यदि किसी का नाम दो जगह दर्ज है, तो उसे एक जगह से हटाया जाना ही है। कोर्ट ने यह भी व्यवस्था दी है कि जिनके नाम गलती से कट गए, उन्हें दावा-आपत्ति दर्ज करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। जायसवाल ने आगे कहा कि राहुल गांधी का दावा कि उनके पास कोई सबूत है जिससे चुनाव आयोग की स्थिति प्रभावित होगी, बिना सबूत के आधारहीन है।

उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है, ताकि मृत, दोहरे पंजीकरण, या गलत पते वाले मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें। जायसवाल ने विपक्ष पर बेवजह हंगामा करने का आरोप लगाया और कहा कि यदि कोई वास्तविक समस्या है, तो उसे चुनाव आयोग के समक्ष उठाया जा सकता है।

दिलीप जायसवाल ने बताया कि ८ अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीतामढ़ी के पुनौरा धाम पहुंचेंगे, जहां वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ माता सीता को समर्पित एक भव्य मंदिर का शिलान्यास करेंगे। यह मंदिर माता सीता के जन्मस्थान पर बनाया जाएगा, जिसे अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। जायसवाल ने इसे ऐतिहासिक कार्य बताते हुए कहा कि यह परियोजना मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को और समृद्ध करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तथ्य और तर्क की अहमियत होती है। दिलीप जायसवाल का यह कहना कि बिना सबूत के आरोप लगाना गलत है, एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है। पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता को बनाए रखना हर नागरिक का अधिकार है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी का 'एटम बम' वाला बयान क्या था?
राहुल गांधी ने एक बयान में कहा था कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो चुनाव आयोग की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।
दिलीप जायसवाल का इस पर क्या कहना है?
दिलीप जायसवाल ने इसे आधारहीन बताते हुए सबूत पेश करने की आवश्यकता की बात की।
एसआईआर प्रक्रिया क्या है?
एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है, ताकि मृत और दोहरे पंजीकरण के नाम हटाए जा सकें।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कब और कहाँ जा रहे हैं?
अमित शाह ८ अगस्त को सीतामढ़ी के पुनौरा धाम जाएंगे, जहाँ वे माता सीता के मंदिर का शिलान्यास करेंगे।
इस मंदिर का महत्व क्या है?
यह मंदिर माता सीता के जन्मस्थान पर बनाया जाएगा, जो मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को समृद्ध करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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