क्या दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर की कार्रवाई और पत्थरबाजी दोनों गलत हैं?: एसटी हसन

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क्या दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर की कार्रवाई और पत्थरबाजी दोनों गलत हैं?: एसटी हसन

सारांश

दिल्ली में मस्जिद के पास हुई बुलडोजर और पत्थरबाजी की घटनाओं पर एसटी हसन का बयान। उन्होंने इसे गैरजिम्मेदाराना और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। क्या यह घटनाएं समाज में शांति को प्रभावित करेंगी? जानिए एसटी हसन की राय और सरकार से उनकी अपील।

Key Takeaways

  • बुलडोजर कार्रवाई और पत्थरबाजी दोनों ही गलत हैं।
  • लोकतंत्र को खतरे में डालने वाली घटनाओं का विरोध जरूरी है।
  • शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
  • प्रशासन को संवेदनशीलता से काम करना चाहिए।
  • अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मस्जिद के निकट चलाए गए बुलडोजर के काम और इसके दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद एसटी हसन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आधी रात को बुलडोजर द्वारा तोड़फोड़ और पत्थरबाजी, दोनों ही गैरजिम्मेदार हैं।

हसन ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कड़ाके की ठंड में रात दो बजे बुलडोजर लेकर पहुंचना और फिर यह अफवाह फैलाना कि एक 100 साल पुरानी मस्जिद पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, यह सब बेहद बेतुका है। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति सांसद हैं और सांसद होने के नाते उनका एक निर्धारित प्रोटोकॉल होता है। यदि वह वास्तव में मौके पर होते तो यह उनकी संवैधानिक भूमिका होती। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतंत्र धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है, जबकि मंदिर और मस्जिद हमारी आस्था के केंद्र हैं।

एसटी हसन ने पथराव की घटना की निंदा करते हुए कहा कि पत्थरबाजी गलत है और किसी भी हाल में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिस्थितियों में यह पथराव हुआ, उसके लिए उकसाने वाले तत्व भी उतने ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी ठंड में इस तरह की कार्रवाई करना उचित था? क्या इस पूरे मामले को आलोचनात्मक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए?

हसन ने कहा कि गलत को गलत कहना आवश्यक है—पत्थरबाजी भी गलत है और आधी रात को बुलडोजर लेकर कार्रवाई करना भी उतना ही गलत है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई के पीछे की मंशा पर भी संदेह जताया। उन्होंने पूछा कि रात दो बजे वहां जाने का आखिर मतलब क्या था? आधी रातलापरवाही और जल्दबाजी का परिणाम है।

एसटी हसन ने जनता से अपील की कि वह किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और शांति बनाए रखें। साथ ही, उन्होंने सरकार से मांग की कि उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिन्होंने ठंड रातों में इस प्रकार की कार्रवाई कर लोगों को उत्तेजित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।

Point of View

NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली में बुलडोजर कार्रवाई का कारण क्या था?
बुलडोजर कार्रवाई का कारण स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति थी, हालांकि इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
एसटी हसन का इस पर क्या कहना है?
एसटी हसन ने इसे गैरजिम्मेदाराना और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
पत्थरबाजी की घटना को लेकर क्या प्रतिक्रिया है?
पत्थरबाजी को गलत मानते हुए एसटी हसन ने लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।
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