क्या दिनेश शर्मा ने सपा पर तंज कसा कि राजनीति में प्रतिशोध का स्थान नहीं होता?

सारांश
Key Takeaways
- राजनीति में प्रतिशोध का स्थान नहीं
- पूजा पाल के आरोप गंभीर हैं
- भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है
- शुभांशु शुक्ला का योगदान महत्वपूर्ण है
- सड़कों का नामकरण महत्वपूर्ण है
लखनऊ, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने अपनी जान के खतरे का हवाला देते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पर सपा ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी है। इस पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद दिनेश शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में प्रतिशोध का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राजनीति में मतभेद होना एक बात है, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रतिशोध का राजनीति में कोई स्थान नहीं है। पूजा पाल एक बहादुर महिला हैं, जिनके पति का बेरहमी से हत्या कर दिया गया था। लोगों को यह समझना चाहिए कि उनका सबसे बड़ा अपराध यह है कि उन्होंने माफिया का नाम लिया और अपने पति की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों का जिक्र किया।
उन्होंने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर कहा कि हमारे लखनऊ के एक प्रतिभाशाली बच्चे ने अंतरिक्ष में जाकर भारत और दुनिया के कल्याण के लिए शोध कार्य किया है। शुभांशु शुक्ला के घर के सामने की सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है और उसका नाम उनके नाम पर रखा गया है। शुभांशु द्वारा किए गए शोध का लाभ, विशेषकर डायबिटीज जैसी बीमारियों के उपचार के लिए औषधि के निर्माण में भारत को जल्द ही मिलने वाला है।
टीएमसी के बाद, सपा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को हटाने के बिल पर जेपीसी का बहिष्कार किया है। इस पर दिनेश शर्मा ने कहा कि केंद्र में भाजपा और उनके सहयोगी दलों की सरकार है। देश के 80 प्रतिशत मुख्यमंत्री भाजपा के हैं। टीएमसी, सपा और कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को अपना कारोबार बना लिया है। भ्रष्टाचार इनकी राजनीति का एक हिस्सा बन चुका है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में इन पार्टियों को एकजुट होना चाहिए, लेकिन वे विरोध कर रहे हैं।