क्या तमिलनाडु में डीएमके एक फरवरी से सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार शुरू करेगी?
सारांश
Key Takeaways
- डीएमके का चुनावी अभियान 1 फरवरी से शुरू होगा।
- यह अभियान सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा।
- 20 स्टार प्रचारक जनता से संवाद करेंगे।
- संवादात्मक सत्रों में विभिन्न वर्गों की राय सुनी जाएगी।
- इस अभियान का मुख्य लक्ष्य नागरिकों की अपेक्षाओं को समझना है।
चेन्नई, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) ने मंगलवार को एक व्यापक राज्यव्यापी राजनीतिक अभियान की घोषणा की है, जो 1 फरवरी से आरंभ होगा।
इस अभियान का शीर्षक 'तमिलनाडु झुकेगा नहीं' है, जो एक महीने तक चलेगा और सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम का लक्ष्य डीएमके की राजनीतिक स्थिति, शासन की दृष्टि और राज्य के अधिकारों व गरिमा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को जनता के सामने रखना है।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अभियान में 20 स्टार प्रचारक शामिल होंगे, जो पूरे राज्य में यात्रा करेंगे और हर निर्वाचन क्षेत्र में जनता से सीधे संवाद करेंगे। यह फैसला 20 जनवरी को डीएमके जिला सचिवों की एक बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके. स्टालिन ने की थी।
विज्ञप्ति के अनुसार, 'तमिलनाडु झुकेगा नहीं' अभियान राज्य के हितों की सुरक्षा, आत्मसम्मान और बाहरी दबावों के खिलाफ एक मजबूत रुख को दर्शाएगा। पार्टी अध्यक्ष स्वयं 20 वरिष्ठ नेताओं और प्रमुख चेहरों को स्टार प्रचारकों के रूप में चुनेंगे, जो राज्य भर में यात्रा करके डीएमके की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे।
चुनावी प्रचार के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक विशाल सार्वजनिक सभा का आयोजन होगा। इसके साथ ही, डीएमके ने संवाद को मजबूत करने के लिए हर निर्वाचन क्षेत्र में सुनियोजित संवादात्मक सत्रों की भी योजना बनाई है, जिसमें स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों, युवाओं, छात्र प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों, ट्रेड यूनियन नेताओं, उद्यमियों और शिक्षाविदों को शामिल किया जाएगा।
इस अभियान के दो मुख्य लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं: पहला, डीएमके सरकार की अब तक की उपलब्धियों, कल्याणकारी योजनाओं और विकास पहलों को प्रभावी ढंग से जनता के सामने प्रस्तुत करना; और दूसरा, नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी चिंताओं, अपेक्षाओं और मांगों को समझना।
पार्टी ने क्षेत्रीय प्रभारियों, जिला सचिवों, निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों और स्टार प्रचारकों को निर्देश दिया है कि वे नीतिगत परिणामों और सरकारी योजनाओं पर चर्चा का नेतृत्व करें और साथ ही जनता से प्राप्त फीडबैक को व्यवस्थित रूप से दर्ज करें।