विजयादशमी पर डॉ. प्रीति अदाणी का आह्वान: सामूहिक कल्याण और सद्भाव की राह पर चलें
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन और एक विश्वविद्यालय की चांसलर डॉ. प्रीति अदाणी ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सामूहिक कल्याण, समृद्धि और सद्भाव के लिए एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया। उन्होंने यह संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया।
विजयादशमी संदेश
एक्स पर अपनी पोस्ट में डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, 'विजयादशमी का पर्व हमें अपनी आंतरिक सीमाओं पर विजय प्राप्त करने और सामूहिक कल्याण, समृद्धि तथा सद्भाव से भरे भविष्य की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करे। सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।' यह संदेश उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक सेवा की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
नवरात्रि के दौरान आध्यात्मिक यात्रा
इससे पूर्व नवरात्रि के दौरान गौतम अदाणी और डॉ. प्रीति अदाणी ने दक्षिण गुजरात स्थित श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) का दौरा किया था और आध्यात्मिक गुरु गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद प्राप्त किया था। इस यात्रा के दौरान गौतम अदाणी ने एक एक्स पोस्ट में कहा था कि उन्होंने धरमपुर स्थित श्रीमद राजचंद्र आश्रम में गुरुदेवश्री राकेशजी के साथ समय बिताया।
गौतम अदाणी ने कहा था, 'मैं इस नवरात्रि मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहा हूं और उन मूल्यों पर चिंतन कर रहा हूं जो मेरे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। श्रीमद राजचंद्र आश्रम की यात्रा ने मेरे उस विचार को और मजबूत किया है जिसे मैं हमेशा अपने करीब रखता हूं — 'सेवा ही साधना है'।' उन्होंने विश्व की सबसे ऊंची श्रीमद राजचंद्रजी प्रतिमा पर चरण पखाल करने के अनुभव को अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने वाला बताया था।
सत्संग और युवा पेशेवरों से संवाद
अदाणी परिवार ने मिशन के ध्यान और आध्यात्मिक प्रवचन केंद्र राज सभागृह में आयोजित सत्संग में भी भाग लिया, जहां मानव जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक अनुशासन के महत्व पर चर्चा की गई। इस दौरान गौतम अदाणी ने मिशन से जुड़े छात्रों और युवा पेशेवरों से भी मुलाकात की, जो विभिन्न सामाजिक पहलों में सक्रिय हैं।
आदिवासी महिलाओं से संवाद
यात्रा के दौरान डॉ. प्रीति अदाणी ने श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन का दौरा किया और कौशल विकास, उद्यमिता तथा आजीविका कार्यक्रमों से जुड़ी आदिवासी महिलाओं के साथ संवाद किया। यह उनके सामाजिक सेवा के दृष्टिकोण का व्यावहारिक उदाहरण है। गौरतलब है कि अदाणी फाउंडेशन लंबे समय से ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में कार्यरत है।
विजयादशमी के इस संदेश के साथ डॉ. प्रीति अदाणी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनके लिए त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का अवसर है।