20 अक्टूबर 2026
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विजयादशमी पर डॉ. प्रीति अदाणी का आह्वान: सामूहिक कल्याण और सद्भाव की राह पर चलें

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विजयादशमी पर डॉ. प्रीति अदाणी का आह्वान: सामूहिक कल्याण और सद्भाव की राह पर चलें

सारांश

विजयादशमी के अवसर पर डॉ. प्रीति अदाणी ने एक्स पर संदेश साझा कर आंतरिक सीमाओं पर विजय और सामूहिक कल्याण का आह्वान किया। नवरात्रि के दौरान अदाणी परिवार ने दक्षिण गुजरात के श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर में आध्यात्मिक गुरु गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद भी लिया था।

मुख्य बातें

प्रीति अदाणी ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर एक्स पर सामूहिक कल्याण और सद्भाव का संदेश साझा किया।
प्रीति अदाणी ने नवरात्रि के दौरान दक्षिण गुजरात के श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) का दौरा किया।
दोनों ने आध्यात्मिक गुरु गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद लिया और राज सभागृह में सत्संग में भाग लिया।
गौतम अदाणी ने 'सेवा ही साधना है' को अपने जीवन का मार्गदर्शक सूत्र बताया।
प्रीति अदाणी ने श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन में आदिवासी महिलाओं से कौशल विकास और उद्यमिता पर संवाद किया।

अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन और एक विश्वविद्यालय की चांसलर डॉ. प्रीति अदाणी ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सामूहिक कल्याण, समृद्धि और सद्भाव के लिए एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया। उन्होंने यह संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया।

विजयादशमी संदेश

एक्स पर अपनी पोस्ट में डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, 'विजयादशमी का पर्व हमें अपनी आंतरिक सीमाओं पर विजय प्राप्त करने और सामूहिक कल्याण, समृद्धि तथा सद्भाव से भरे भविष्य की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करे। सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।' यह संदेश उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक सेवा की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

नवरात्रि के दौरान आध्यात्मिक यात्रा

इससे पूर्व नवरात्रि के दौरान गौतम अदाणी और डॉ. प्रीति अदाणी ने दक्षिण गुजरात स्थित श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) का दौरा किया था और आध्यात्मिक गुरु गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद प्राप्त किया था। इस यात्रा के दौरान गौतम अदाणी ने एक एक्स पोस्ट में कहा था कि उन्होंने धरमपुर स्थित श्रीमद राजचंद्र आश्रम में गुरुदेवश्री राकेशजी के साथ समय बिताया।

गौतम अदाणी ने कहा था, 'मैं इस नवरात्रि मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहा हूं और उन मूल्यों पर चिंतन कर रहा हूं जो मेरे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। श्रीमद राजचंद्र आश्रम की यात्रा ने मेरे उस विचार को और मजबूत किया है जिसे मैं हमेशा अपने करीब रखता हूं — 'सेवा ही साधना है'।' उन्होंने विश्व की सबसे ऊंची श्रीमद राजचंद्रजी प्रतिमा पर चरण पखाल करने के अनुभव को अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने वाला बताया था।

सत्संग और युवा पेशेवरों से संवाद

अदाणी परिवार ने मिशन के ध्यान और आध्यात्मिक प्रवचन केंद्र राज सभागृह में आयोजित सत्संग में भी भाग लिया, जहां मानव जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक अनुशासन के महत्व पर चर्चा की गई। इस दौरान गौतम अदाणी ने मिशन से जुड़े छात्रों और युवा पेशेवरों से भी मुलाकात की, जो विभिन्न सामाजिक पहलों में सक्रिय हैं।

आदिवासी महिलाओं से संवाद

यात्रा के दौरान डॉ. प्रीति अदाणी ने श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन का दौरा किया और कौशल विकास, उद्यमिता तथा आजीविका कार्यक्रमों से जुड़ी आदिवासी महिलाओं के साथ संवाद किया। यह उनके सामाजिक सेवा के दृष्टिकोण का व्यावहारिक उदाहरण है। गौरतलब है कि अदाणी फाउंडेशन लंबे समय से ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में कार्यरत है।

विजयादशमी के इस संदेश के साथ डॉ. प्रीति अदाणी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनके लिए त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आदिवासी महिलाओं से संवाद और कौशल विकास केंद्रों का दौरा यह दर्शाता है कि अदाणी फाउंडेशन अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को जमीनी स्तर पर भी रेखांकित करने की कोशिश करता है। गौतम अदाणी द्वारा 'सेवा ही साधना है' जैसे मूल्यों पर बल देना ऐसे समय में आता है जब समूह वैश्विक और घरेलू दोनों मोर्चों पर जांच के दायरे में रहा है। देखने वाली बात यह होगी कि फाउंडेशन की ये घोषणाएं और यात्राएं जमीनी परिणामों में कितनी तब्दील होती हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. प्रीति अदाणी ने विजयादशमी पर क्या संदेश दिया?
डॉ. प्रीति अदाणी ने एक्स पर साझा अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी का पर्व आंतरिक सीमाओं पर विजय और सामूहिक कल्याण, समृद्धि तथा सद्भाव के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी को हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
अदाणी परिवार ने नवरात्रि के दौरान कहाँ की यात्रा की?
नवरात्रि के दौरान गौतम अदाणी और डॉ. प्रीति अदाणी ने दक्षिण गुजरात स्थित श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) का दौरा किया। वहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद लिया और राज सभागृह में सत्संग में भाग लिया।
डॉ. प्रीति अदाणी अदाणी फाउंडेशन में क्या भूमिका निभाती हैं?
डॉ. प्रीति अदाणी अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं और एक विश्वविद्यालय की चांसलर भी हैं। फाउंडेशन के तहत वे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तीकरण और आदिवासी समुदायों के उत्थान से जुड़े कार्यक्रमों का नेतृत्व करती हैं।
गौतम अदाणी ने 'सेवा ही साधना है' के बारे में क्या कहा?
गौतम अदाणी ने एक्स पर पोस्ट में कहा था कि श्रीमद राजचंद्र आश्रम की यात्रा ने उनके इस विचार को मजबूत किया कि 'सेवा ही साधना है'। उन्होंने प्रार्थना की कि उन्हें सेवा का विनम्र भाव और दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति मिले।
डॉ. प्रीति अदाणी ने धरमपुर में आदिवासी महिलाओं से क्या चर्चा की?
डॉ. प्रीति अदाणी ने श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन का दौरा कर कौशल विकास, उद्यमिता और आजीविका कार्यक्रमों से जुड़ी आदिवासी महिलाओं के साथ संवाद किया। यह केंद्र महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यरत है।
राष्ट्र प्रेस
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