18 अक्टूबर 2026
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नवरात्रि पर गौतम अदाणी पहुंचे श्रीमद राजचंद्र आश्रम, बोले — 'सेवा ही साधना है'

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नवरात्रि पर गौतम अदाणी पहुंचे श्रीमद राजचंद्र आश्रम, बोले — 'सेवा ही साधना है'

सारांश

नवरात्रि पर गौतम अदाणी का श्रीमद राजचंद्र आश्रम दौरा महज आध्यात्मिक यात्रा नहीं — यह अदाणी समूह और SRMD के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा और जनजातीय विकास में सहयोग की नींव भी रख सकता है। 'सेवा ही साधना है' के संदेश के साथ भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक का यह कदम CSR से परे गहरी साझेदारी का संकेत देता है।

मुख्य बातें

गौतम अदाणी ने 18 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि पर श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) , दक्षिण गुजरात का दौरा किया।
गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद लेकर अदाणी ने कहा — 'सेवा ही साधना है' उनके जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत है।
प्रीति अदाणी ने आदिवासी महिलाओं के कौशल विकास केंद्र और श्रीमद राजचंद्र हॉस्पिटल का दौरा कर दिव्यांग बच्चों को सहायता सामग्री वितरित की।
अदाणी समूह ने मिशन की सामाजिक सेवा इकाई SRLC के साथ मिलकर काम करने में रुचि दिखाई।
नेत्र-चिकित्सा और दृष्टि देखभाल परियोजनाओं में अदाणी फाउंडेशन की भागीदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 18 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के पावन अवसर पर दक्षिण गुजरात स्थित श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) का दौरा किया और गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस यात्रा के दौरान अदाणी ने कहा कि समाज की सेवा उनके जीवन का केंद्रीय मार्गदर्शक सिद्धांत है।

नवरात्रि पर आत्मचिंतन का संदेश

आश्रम में अपने विचार साझा करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, 'इस नवरात्रि मैं मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहा हूं और उन मूल्यों पर चिंतन कर रहा हूं जो मेरे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। श्रीमद राजचंद्र आश्रम की मेरी यह यात्रा एक ऐसे विचार को और मजबूत करती है जिसे मैं हमेशा अपने करीब रखता हूं — 'सेवा ही साधना है'।' उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रार्थना करते हैं कि उन्हें सेवा का विनम्र भाव और दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति मिले।

मिशन के अनुसार, गुरुदेवश्री राकेशजी ने इस अवसर पर इस बात पर बल दिया कि आध्यात्मिक साधना और निस्वार्थ सेवा परस्पर गहराई से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने समाज के व्यापक हित के लिए अपने संसाधनों, अवसरों और क्षमताओं का उपयोग करने के महत्व को भी रेखांकित किया।

सत्संग और युवाओं से मुलाकात

अदाणी परिवार ने मिशन के ध्यान एवं आध्यात्मिक प्रवचन केंद्र 'राज सभागृह' में आयोजित सत्संग में भाग लिया, जहाँ मानव जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक अनुशासन के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान गौतम अदाणी ने मिशन से जुड़े उन छात्रों और युवा पेशेवरों से भी संवाद किया जो विभिन्न सामाजिक पहलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

डॉ. प्रीति अदाणी की सामाजिक पहल

डॉ. प्रीति अदाणी ने यात्रा के दौरान 'श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन' का दौरा किया और कौशल विकास, उद्यमिता तथा आजीविका कार्यक्रमों से जुड़ी आदिवासी महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने श्रीमद राजचंद्र हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भी देखा, जहाँ दिव्यांग बच्चों को चिकित्सा सहायता सामग्री वितरित करने के कार्यक्रम में भाग लिया।

मिशन के जिनमंदिर में डॉ. प्रीति अदाणी ने भगवान महावीर के समक्ष प्रार्थना की। गौरतलब है कि यह यात्रा अदाणी फाउंडेशन के सामुदायिक विकास दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित रही है।

सहयोग की संभावनाएं

यात्रा के दौरान अदाणी समूह और SRMD की मानवीय पहलों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। गौतम अदाणी ने मिशन की सामाजिक सेवा इकाई श्रीमद राजचंद्र लव एंड केयर (SRLC) के साथ मिलकर काम करने में रुचि जताई। इसके अतिरिक्त, डॉ. प्रीति अदाणी ने नेत्र-चिकित्सा और दृष्टि देखभाल परियोजनाओं में अदाणी फाउंडेशन की भागीदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब देश के प्रमुख उद्योगपति सामाजिक दायित्व (CSR) से आगे बढ़कर आध्यात्मिक और सामुदायिक संस्थाओं के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। अदाणी समूह और SRMD के बीच संभावित सहयोग स्वास्थ्य, शिक्षा और जनजातीय विकास के क्षेत्रों में ठोस रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'सेवा ही साधना' जैसे संदेश केवल व्यक्तिगत आस्था नहीं, बल्कि ब्रांड-निर्माण की रणनीति का भी हिस्सा प्रतीत होते हैं। SRMD के साथ संभावित सहयोग यदि ठोस रूप लेता है तो यह स्वास्थ्य और जनजातीय विकास में वास्तविक परिवर्तन ला सकता है — लेकिन इसकी जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना उतना ही ज़रूरी होगा।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतम अदाणी ने श्रीमद राजचंद्र आश्रम का दौरा क्यों किया?
गौतम अदाणी ने नवरात्रि के अवसर पर दक्षिण गुजरात स्थित श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर का दौरा कर गुरुदेवश्री राकेशजी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने इसे आत्मचिंतन और अपने जीवन मूल्यों को पुनः परिभाषित करने का अवसर बताया।
श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर क्या है?
श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर (SRMD) दक्षिण गुजरात में स्थित एक आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा संस्था है, जो गुरुदेवश्री राकेशजी के नेतृत्व में संचालित होती है। यह मिशन ध्यान, आध्यात्मिक प्रवचन, स्वास्थ्य सेवा और जनजातीय विकास कार्यक्रम चलाता है।
डॉ. प्रीति अदाणी ने इस यात्रा में क्या किया?
डॉ. प्रीति अदाणी ने 'श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन' में आदिवासी महिलाओं से संवाद किया और श्रीमद राजचंद्र हॉस्पिटल में दिव्यांग बच्चों को चिकित्सा सहायता सामग्री वितरित की। उन्होंने नेत्र-चिकित्सा परियोजनाओं में अदाणी फाउंडेशन की भागीदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
अदाणी समूह और SRMD के बीच किस तरह के सहयोग की संभावना है?
गौतम अदाणी ने मिशन की सामाजिक सेवा इकाई श्रीमद राजचंद्र लव एंड केयर (SRLC) के साथ मिलकर काम करने में रुचि जताई है। संभावित सहयोग स्वास्थ्य, दृष्टि देखभाल, शिक्षा और जनजातीय महिला सशक्तीकरण के क्षेत्रों में हो सकता है।
गौतम अदाणी ने इस यात्रा में क्या संदेश दिया?
गौतम अदाणी ने कहा कि 'सेवा ही साधना है' उनके जीवन का मार्गदर्शक विचार है। उन्होंने नवरात्रि को आत्ममंथन का अवसर बताते हुए कहा कि वे प्रार्थना करते हैं कि उन्हें सेवा का विनम्र भाव और दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति मिले।
राष्ट्र प्रेस
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