क्या दुनिया के किसी भी देश में निर्दोषों को परेशान करना स्वीकार्य है? : अजित पवार
सारांश
Key Takeaways
- अजित पवार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की निंदा की।
- उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को परेशान करना अस्वीकार्य है।
- राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
मुंबई, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार पूर्णतः गलत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अजित पवार ने यह भी बताया कि किसी भी देश में हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। चाहे कोई भी व्यक्ति किसी राज्य या देश का हो, उसे राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति देश के खिलाफ काम करता है, तो उसे गद्दार कहा जाना चाहिए और उसे सजा मिलनी चाहिए। लेकिन जो लोग गद्दार नहीं हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं, उन्हें परेशान करने का कोई कारण नहीं है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश या भारत का प्रधानमंत्री, दोनों इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से देखेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस समस्या का समाधान जल्द निकलेगा।
अजित पवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "इन अत्याचारों को हर हाल में रुकना चाहिए।"
इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो लोग देश के खिलाफ काम करते हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए मौत की सजा होनी चाहिए। यदि कानून में ऐसा प्रावधान नहीं है, तो ऐसा कानून बनाना चाहिए। ऐसे लोग देश के लिए बेहद खतरनाक हैं और उन्हें इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग इसी देश में रहकर बम बनाते हैं और निर्दोषों को मारने की कोशिश करते हैं, उनसे यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि उन्हें ऐसा करने का अधिकार किसने दिया। अजित पवार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।