क्या हिंदी हिंदुस्तान का दिल है? इसके खिलाफ बोलना गलत है: मिथिलेश कठेरिया

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क्या हिंदी हिंदुस्तान का दिल है? इसके खिलाफ बोलना गलत है: मिथिलेश कठेरिया

सारांश

हिंदुत्व, हिंदी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर मिथिलेश कठेरिया की बातें, जो सियासी हलचल को जन्म देती हैं। क्या हिंदी के खिलाफ बोलना उचित है?

Key Takeaways

  • हिंदी भाषा का महत्व
  • हिंदुत्व का सांस्कृतिक महत्व
  • सामाजिक एकता की आवश्यकता
  • राजनीति में भाषा का रोल
  • संस्कृति और पहचान का संरक्षण

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिंदुत्व, हिंदी भाषा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हालिया बयानों के चलते सियासत में उथल-पुथल मच गई है। राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मिथिलेश कुमार कठेरिया ने राज ठाकरे, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

राज ठाकरे के बयानों के संदर्भ में बात करते हुए मिथिलेश कठेरिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की मेहनत के बिना महाराष्ट्र की कई इंडस्ट्रीज नहीं चल सकतीं। यदि यूपी-बिहार के लोग महाराष्ट्र जाना बंद कर दें, तो वहां की एक भी इंडस्ट्री नहीं चलेगी।

उन्होंने कहा कि हिंदी हिंदुस्तान का दिल है और यह पूरे देश में बोली जाती है। जब हम विदेश जाते हैं, तब भी हिंदी बोलते हैं। मैं मराठी भाषा का पूरा सम्मान करता हूं। मराठी वहां की लोकल भाषा है, लेकिन हिंदी के खिलाफ बोलना गलत है।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन भारत में हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बनेगी, कठेरिया ने कड़ी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि ओवैसी का बयान भड़काऊ है और ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए। इस देश में जो लोग हिंदू-मुसलमान के बीच नफरत फैलाने का कार्य कर रहे हैं, उन्हें इसे बंद करना चाहिए।

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान से बातचीत को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि मणिशंकर अय्यर को दूसरों को नसीहत देने के बजाय अपनी पार्टी के नेताओं पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व को उपदेश देने की उन्हें जरूरत नहीं है। देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और रक्षा की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की है। बेहतर होगा कि वे उनके काम में दखल न दें।"

हिंदुत्व पर मणिशंकर अय्यर के बयान को गलत बताते हुए मिथिलेश कठेरिया ने कहा कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व दोनों हिंदुओं के लिए आवश्यक हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदुत्व कोई राजनीतिक विचारधारा नहीं है। हिंदुत्व का अर्थ किसी से दुश्मनी नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलना है। भारत की भाषा और संस्कृति हिंदुत्व का हिस्सा हैं। यह हमारा देश है, हमारी पहचान है। ऐसे में हिंदुत्व के खिलाफ कैसे बोला जा सकता है? हिंदुत्व ही हमारा जीवन है।

Point of View

लेकिन समाज में सामंजस्य बनाए रखना भी ज़रूरी है। हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

मिथिलेश कठेरिया ने किस विषय पर अपनी राय दी?
उन्होंने हिंदी, हिंदुत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हालिया बयानों पर अपनी राय दी।
क्या हिंदी को हिंदुस्तान का दिल मानते हैं?
जी हां, मिथिलेश कठेरिया का कहना है कि हिंदी हिंदुस्तान का दिल है।
ओवैसी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया थी?
कठेरिया ने ओवैसी के बयान को भड़काऊ बताया।
मणिशंकर अय्यर का बयान क्या था?
उन्होंने पाकिस्तान से बातचीत को लेकर बयान दिया था, जिस पर कठेरिया ने आपत्ति जताई।
हिंदुत्व के बारे में मिथिलेश का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा नहीं है, बल्कि सबको साथ लेकर चलने का नाम है।
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