10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दुर्ग में मैट्रिमोनियल साइट फ्रॉड: विधवा शिक्षिका से ₹5.90 लाख की ठगी, आरोपी की तलाश जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दुर्ग में मैट्रिमोनियल साइट फ्रॉड: विधवा शिक्षिका से ₹5.90 लाख की ठगी, आरोपी की तलाश जारी

सारांश

दुर्ग की एक विधवा शिक्षिका ने पुनर्विवाह की उम्मीद में जीवनसाथी ऐप पर प्रोफाइल बनाई — और आरोपी ने शादी व सरकारी तबादले का दोहरा झाँसा देकर ₹5.90 लाख नकद ऐंठ लिए। बैंक ऋण लेकर दी गई यह रकम अब जाँच का विषय है।

मुख्य बातें

दुर्ग जिले की 36 वर्षीय विधवा शिक्षिका से जीवनसाथी ऐप के ज़रिए कथित तौर पर ₹5.90 लाख की ठगी हुई।
आरोपी अर्जुन कसेर ने खुद को जल संसाधन विभाग में क्लर्क बताकर शादी और तबादले का प्रलोभन दिया।
पीड़िता ने बैंक से ₹6 लाख का व्यक्तिगत ऋण लेकर 30 मई को रायपुर के तेलीबांधा में नकद सौंपे।
कोतवाली थाना पुलिस ने बीएनएस धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
पीड़िता के पति का निधन अक्टूबर 2024 में हुआ था; वे धमधा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 36 वर्षीय विधवा शिक्षिका से कथित तौर पर ₹5.90 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले शादी का प्रलोभन दिया और फिर सरकारी तबादले का झूठा भरोसा दिलाकर यह रकम हड़प ली। कोतवाली थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

पीड़िता की पृष्ठभूमि

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता धमधा ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका हैं। अक्टूबर 2024 में उनके पति का निधन हो गया था, जिसके बाद वे अपने दो बच्चों के साथ दुर्ग क्षेत्र में रह रही हैं। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने पुनर्विवाह के लिए जीवनसाथी ऐप पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी।

कैसे हुई ठगी

23 मई को मैट्रिमोनियल साइट पर पीड़िता की पहचान रायपुर निवासी अर्जुन कसेर नामक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने कथित तौर पर खुद को जल संसाधन विभाग में क्लर्क बताया और यह भी कहा कि उसका अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा।

इसके बाद आरोपी ने शिक्षिका के तबादले का मुद्दा उठाया और दावा किया कि वह उनका स्थानांतरण मनचाही जगह करा सकता है। इसके एवज में उसने ₹7 लाख की माँग की। पीड़िता ने आरोपी की बातों में आकर बैंक से ₹6 लाख का व्यक्तिगत ऋण लिया।

30 मई को पीड़िता ने रायपुर के तेलीबांधा स्थित एक रेस्टोरेंट के पास आरोपी को ₹5.90 लाख नकद सौंप दिए। रकम मिलने के बाद न तो तबादला हुआ और न ही शादी की बात आगे बढ़ी। संदेह गहराने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई

सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी अर्जुन कसेर के खिलाफ बीएनएस धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने जाँच के दायरे में बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्य को भी शामिल किया है।

आम जनता पर असर

यह मामला ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर फ्रॉड की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करता है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में विवाह ऐप्स के ज़रिए ठगी की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिनमें विशेष रूप से अकेली महिलाएँ निशाना बनती हैं। गौरतलब है कि आरोपी ने न केवल भावनात्मक बल्कि व्यावसायिक प्रलोभन का भी इस्तेमाल किया, जो इस तरह के फ्रॉड को और अधिक जटिल बनाता है।

पुलिस जाँच के परिणाम और आरोपी की गिरफ्तारी आने वाले दिनों में स्थिति को और स्पष्ट करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या साइबर कानून इस तरह के भावनात्मक-आर्थिक दोहरे फ्रॉड के लिए पर्याप्त दंड सुनिश्चित करते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्ग मैट्रिमोनियल साइट फ्रॉड में क्या हुआ?
दुर्ग की एक 36 वर्षीय विधवा शिक्षिका को जीवनसाथी ऐप पर मिले आरोपी अर्जुन कसेर ने शादी और सरकारी तबादले का झाँसा देकर ₹5.90 लाख नकद ठग लिए। पीड़िता ने यह रकम बैंक से व्यक्तिगत ऋण लेकर जुटाई थी।
आरोपी ने किस तरह विश्वास जीता?
आरोपी ने खुद को जल संसाधन विभाग में क्लर्क और तलाकशुदा बताया, शादी का प्रस्ताव दिया और फिर दावा किया कि वह पीड़िता का तबादला मनचाही जगह करा सकता है। इसी विश्वास में पीड़िता ने ₹5.90 लाख सौंप दिए।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी अर्जुन कसेर के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है। सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने मामले की पुष्टि की है।
पीड़िता शिक्षिका कहाँ कार्यरत हैं?
पीड़िता धमधा ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। अक्टूबर 2024 में पति के निधन के बाद वे दो बच्चों के साथ दुर्ग क्षेत्र में रह रही हैं।
ऑनलाइन मैट्रिमोनियल फ्रॉड से कैसे बचें?
किसी भी अनजान व्यक्ति को मिलने से पहले उसकी पहचान स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें और कभी भी नकद या बैंक ट्रांसफर के ज़रिए बड़ी रकम न दें। सरकारी काम के लिए 'पहुँच' का दावा करने वाले व्यक्तियों पर विशेष सावधानी बरतें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले