दुर्ग में मैट्रिमोनियल साइट फ्रॉड: विधवा शिक्षिका से ₹5.90 लाख की ठगी, आरोपी की तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 36 वर्षीय विधवा शिक्षिका से कथित तौर पर ₹5.90 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले शादी का प्रलोभन दिया और फिर सरकारी तबादले का झूठा भरोसा दिलाकर यह रकम हड़प ली। कोतवाली थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
पीड़िता की पृष्ठभूमि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता धमधा ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका हैं। अक्टूबर 2024 में उनके पति का निधन हो गया था, जिसके बाद वे अपने दो बच्चों के साथ दुर्ग क्षेत्र में रह रही हैं। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने पुनर्विवाह के लिए जीवनसाथी ऐप पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी।
कैसे हुई ठगी
23 मई को मैट्रिमोनियल साइट पर पीड़िता की पहचान रायपुर निवासी अर्जुन कसेर नामक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने कथित तौर पर खुद को जल संसाधन विभाग में क्लर्क बताया और यह भी कहा कि उसका अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा।
इसके बाद आरोपी ने शिक्षिका के तबादले का मुद्दा उठाया और दावा किया कि वह उनका स्थानांतरण मनचाही जगह करा सकता है। इसके एवज में उसने ₹7 लाख की माँग की। पीड़िता ने आरोपी की बातों में आकर बैंक से ₹6 लाख का व्यक्तिगत ऋण लिया।
30 मई को पीड़िता ने रायपुर के तेलीबांधा स्थित एक रेस्टोरेंट के पास आरोपी को ₹5.90 लाख नकद सौंप दिए। रकम मिलने के बाद न तो तबादला हुआ और न ही शादी की बात आगे बढ़ी। संदेह गहराने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी अर्जुन कसेर के खिलाफ बीएनएस धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने जाँच के दायरे में बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्य को भी शामिल किया है।
आम जनता पर असर
यह मामला ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर फ्रॉड की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करता है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में विवाह ऐप्स के ज़रिए ठगी की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिनमें विशेष रूप से अकेली महिलाएँ निशाना बनती हैं। गौरतलब है कि आरोपी ने न केवल भावनात्मक बल्कि व्यावसायिक प्रलोभन का भी इस्तेमाल किया, जो इस तरह के फ्रॉड को और अधिक जटिल बनाता है।
पुलिस जाँच के परिणाम और आरोपी की गिरफ्तारी आने वाले दिनों में स्थिति को और स्पष्ट करेगी।