क्या दिल्ली की द्वारका पुलिस ने अपराधी सुरेंद्र कुमार उर्फ लाला को गिरफ्तार किया?

सारांश
Key Takeaways
- द्वारका पुलिस की सक्रियता ने एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया।
- सुरेंद्र कुमार उर्फ लाला ने आर्थिक तंगी के कारण अपराध का रास्ता चुना।
- पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन सफल रहा।
- गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।
- पुलिस की गश्त अपराधों को रोकने में सहायक होती है।
नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की द्वारका जिला पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। द्वारका पुलिस ने अपनी सतर्कता और सक्रियता का परिचय देते हुए एक अपराधी, सुरेंद्र कुमार उर्फ लाला को गिरफ्तार किया।
सेक्टर-10 द्वारका के नए चौकी प्रभारी, सब-इंस्पेक्टर रजत मलिक और उनकी टीम ने यह उपलब्धि अपने कार्यभार संभालने के कुछ ही दिनों में हासिल की। इस ऑपरेशन में 14 पूर्व अपराधों से जुड़े एक अपराधी को पकड़ा गया, जिनमें 8 स्नैचिंग, 4 गैर-जमानती वारंट, 1 डीसीपी गैर-जमानती वारंट और धारा 82 सीआरपीसी की कार्यवाही शामिल है।
पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित सिंह, आईपीएस के कुशल निर्देशन में, टीम ने गहन गश्त के दौरान यह कार्रवाई की। घटना 5 अगस्त 2025 को हुई, जब गश्त के दौरान टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा, जो संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त था। त्वरित कार्रवाई करते हुए, टीम ने उसे हिरासत में लिया।
पूछताछ में उसकी पहचान सुरेंद्र कुमार उर्फ लाला (उम्र 27 वर्ष, निवासी पप्पू कॉलोनी, गुरुदयाल विहार और चंचल पार्क, नांगलोई, दिल्ली) के रूप में हुई। तकनीकी जांच में पता चला कि वह द्वारका उत्तर और मोहन गार्डन पुलिस स्टेशनों में दर्ज कई मामलों में वांछित था।
आरोपी के खिलाफ द्वारका उत्तर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर (संख्या 283/2023, धारा 356/379/411/34 आईपीसी) में नीतिका कपूर की अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके अलावा, मोहन गार्डन पुलिस स्टेशन के एक मामले में धारा 82 सीआरपीसी के तहत कार्यवाही चल रही थी। 6 अगस्त 2025 को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पूछताछ में सुरेंद्र ने बताया कि पारिवारिक आर्थिक तंगी के कारण वह गलत रास्ते पर चला गया और बार-बार अपराध में लिप्त हो गया। इस ऑपरेशन में शामिल टीम में एसआई रजत मलिक, एएसआई संजीव कुमार तेवतिया, एचसी नरेश कुमार मीणा, एचसी शैतान सिंह, एचसी केदार सिंह गुर्जर और एचसी पंकज शर्मा शामिल थे।
इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह (एसएचओ, द्वारका दक्षिण) और एसीपी किशोर कुमार रेवला के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई सफल रही।