क्या चुनाव आयोग ने ईसीआईनेट ऐप को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों से सुझाव मांगे हैं?
सारांश
Key Takeaways
- नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
- ईसीआईनेट ऐप मतदान प्रक्रिया को सरल बनाता है।
- सुझाव देने की आखिरी तारीख 10 जनवरी है।
- यह ऐप बिहार विधानसभा चुनाव में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है।
- ईसीआईनेट ऐप को गूगल और ऐपल दोनों स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देने और चुनावी सेवाओं को और अधिक सरल व प्रभावी बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने सभी नागरिकों से नई ईसीआईनेट ऐप को सुधारने के लिए सुझाव देने की अपील की है।
नागरिक 10 जनवरी तक ऐप में मौजूद 'एक सुझाव सबमिट करें' टैब के माध्यम से अपने विचार दर्ज कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, ईसीआईनेट ऐप का ट्रायल वर्जन मतदाताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। इसके जरिए मतदान प्रतिशत से संबंधित रुझान पहले से कहीं अधिक तेजी से प्राप्त किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, मतदान समाप्त होने के 72 घंटे के भीतर इंडेक्स कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जबकि पहले यह प्रक्रिया कई हफ्तों या महीनों में पूरी होती थी। इस ऐप का सफल परीक्षण बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और विभिन्न उपचुनावों के दौरान किया गया है।
आयोग ने यह भी बताया कि ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को निरंतर बेहतर किया जा रहा है। इसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ), जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ), पर्यवेक्षकों और मैदानी अधिकारियों से प्राप्त फीडबैक को शामिल किया जा रहा है। अब नागरिकों से मिलने वाले सुझावों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि ऐप को और अधिक उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जा सके। ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को इसी महीने आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है।
ईसीआईनेट निर्वाचन आयोग की प्रमुख पहलों में से एक है, जिसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में विकसित किया गया है। इस ऐप का विकास कार्य 4 मई 2025 को इसकी घोषणा के साथ शुरू हुआ।
यह ऐप नागरिकों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें पहले से मौजूद लगभग 40 अलग-अलग चुनाव संबंधी ऐप और वेबसाइटों को एक ही इंटरफेस में समाहित किया गया है। इनमें वोटर हेल्पलाइन ऐप (वीएचए), सीविजिल, सक्षम, पोलिंग ट्रेंड्स (मतदाता टर्नआउट ऐप), और अपने उम्मीदवार को जानें (केवाईसी) जैसे महत्वपूर्ण विकल्प शामिल हैं।
ईसीआईनेट ऐप को गूगल प्लेस्टोर और ऐपल ऐप स्टोर दोनों से डाउनलोड किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐप डाउनलोड करें और अपने सुझाव देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाने में सहयोग करें।