क्या ईडी की रेड को प्रतिशोध की कार्रवाई कहना सीएम ममता बनर्जी की बौखलाहट है? : राजीव रंजन प्रसाद
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश के खिलाड़ियों को आईपीएल से हटाना एक प्रतीकात्मक कार्रवाई है।
- बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या और मानवाधिकारों का उल्लंघन गंभीर समस्या है।
- राजीव रंजन प्रसाद का बयान ममता बनर्जी की बौखलाहट को दर्शाता है।
- नीतीश कुमार द्वारा अधिकारियों को शिकायतें सुनने के निर्देश महत्वपूर्ण हैं।
पटना, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के खिलाड़ियों को आईपीएल से हटाने के निर्णय को जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय पर प्रश्न उठाने के बजाय, बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर सवाल उठाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए, राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि एक भीड़ ने 25 वर्षीय युवक को घेर लिया। अपनी जान बचाने के लिए वह नदी में कूद गया, लेकिन तैरते हुए नदी पार नहीं कर सका और उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना 19 दिनों में सातवीं हत्या है। वहां लगातार मंदिरों पर हमले हो रहे हैं और घर जलाए जा रहे हैं, साथ ही एक महिला के साथ भी गैंगरेप हुआ है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति बहुत खराब हो गई है। मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और यूनुस सरकार चुपचाप बैठी है। बांग्लादेश के खिलाड़ियों को आईपीएल से बाहर करना एक प्रतीकात्मक कार्रवाई है। जब बांग्लादेश ने टी20 खेलने से मना किया, तो आईसीसी ने भी उसे फटकार लगाई थी।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह निर्णय एकदम सही है और राजनीतिक दलों को इस पर प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।
आई-पैक कार्यालय में ईडी की रेड पर उन्होंने कहा कि अनियमितताओं की शिकायत के बाद ईडी ने छापेमारी की। यह सीएम ममता बनर्जी की बौखलाहट को दर्शाता है। उन्हें पता है कि उन्होंने कई गड़बड़ियां की हैं। चुनाव के समय भी गड़बड़ी की संभावनाएं विपक्ष द्वारा जताई गई हैं। वह यह समझ चुकी हैं कि तमाम हथकंडों के बावजूद उनकी सरकार नहीं आ रही है, इसलिए वह खुद को सुर्खियों में रखने के लिए ऐसी बयानबाजी कर रही हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा अधिकारियों को शिकायतें सुनने के निर्देश पर उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी और अधिकारी नियमित रूप से शिकायतें सुनेंगे तो उनका त्वरित समाधान हो सकेगा।