क्या ईडी ने यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के ठिकानों पर छापेमारी की और दो महंगी कारें जब्त कीं?
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क पर कार्रवाई की।
- अनुराग द्विवेदी की महंगी कारें जब्त की गईं।
- जांच अभी जारी है और अधिक गिरफ्तारियों की संभावना है।
- अनुराग द्विवेदी वर्तमान में दुबई में हैं।
- इस मामले में पहले ही तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
कोलकाता, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ के बड़े नेटवर्क से संबंधित मामलों में कई स्थानों पर छापेमारी की।
ईडी ने 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को दिल्ली, मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी में कुल 9 स्थानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। इन तलाशी अभियानों का मुख्य लक्ष्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी और विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप्स से जुड़े ठिकाने थे।
जांच में यह संदेह जताया गया है कि अनुराग द्विवेदी ने अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को सक्रिय रूप से प्रमोट किया और अपराध से प्राप्त धन को हवाला चैनलों के माध्यम से लॉन्ड्रिंग कर दुबई में रियल एस्टेट में निवेश किया। तलाशी के दौरान अनुराग द्विवेदी की दो महंगी कारें, लैंड रोवर डिफेंडर और बीएमडब्ल्यू जेड4, पीएमएलए की धारा के तहत जब्त/फ्रीज कर दी गईं। इसके अलावा कई संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
यह कार्रवाई पिछले छापेमारी अभियान का विस्तार है। इससे पहले 17 दिसंबर 2025 को ईडी ने अनुराग द्विवेदी से जुड़े लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में 10 ठिकानों पर छापे मारे थे। उस समय लैंबॉर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और महिंद्रा थार जैसी चार महंगी गाड़ियां, लगभग 20 लाख रुपए नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हवाला के जरिए दुबई में अचल संपत्ति खरीदी गई। ईडी ने पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत करीब 3 करोड़ रुपए की चल संपत्ति, बीमा पॉलिसियां, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक बैलेंस फ्रीज कर दिए हैं।
ईडी ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी, जिसमें सिलीगुड़ी निवासी सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज पर फर्जी बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल चलाने का आरोप है।
जांच में यह भी पता चला है कि अनुराग द्विवेदी ने इस प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया और पीओसी प्राप्त कर दुबई में निवेश किया। वर्तमान में अनुराग द्विवेदी भारत छोड़कर दुबई में रह रहा है और ईडी द्वारा जारी कई समन के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुआ है।
इस मामले में ईडी पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। 1 अगस्त 2025 को स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए), कोलकाता में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की गई थी। अब तक ईडी ने इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी लगभग 27 करोड़ रुपए की चल संपत्ति फ्रीज/अटैच की है।
ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां तथा संपत्ति जब्ती की संभावना है।