ईडी की बड़ी कार्रवाई: टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर के 206 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क
सारांश
Key Takeaways
- ईडी का बड़ा कदम: 206.40 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की गईं।
- धन शोधन की जांच: टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई।
- ग्राहकों का नुकसान: 14,105 ग्राहकों से धोखाधड़ी का आरोप।
- भविष्य की जांच: मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच जारी।
गुरुग्राम, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। 6 मार्च 2026 को, ईडी ने मेसर्स टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़े एक धन शोधन मामले में लगभग 206.40 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क कर दिया है।
कुर्क की गई संपत्तियों में हरियाणा के सोनीपत जिले के कामसपुर में स्थित लगभग 8.3 एकड़ भूमि के टुकड़े और विभिन्न व्यापारिक इकाइयां शामिल हैं। ये संपत्तियां टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियों के नाम पर पंजीकृत हैं।
ईडी की जांच दिल्ली पुलिस और दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज 26 एफआईआर और आरोपपत्रों पर आधारित है। आरोपों के अनुसार, टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रमोटर्स और प्रबंधकों ने आवास खरीदने वालों को धोखा दिया है। कंपनी ने सोनीपत में कई आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं को 2005 से 2014 के बीच शुरू किया था, जिसमें 14,105 ग्राहकों से अग्रिम बुकिंग के रूप में लगभग 4,619.43 करोड़ रुपए प्राप्त किए गए थे।
हालांकि, कई परियोजनाओं में गंभीर देरी हुई है। चार परियोजनाओं के लिए आज तक कब्जा प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ है, जबकि एक परियोजना 'पार्क स्ट्रीट' अभी भी अधूरी है। 16-18 साल की देरी के बावजूद, ग्राहकों को फ्लैट्स/यूनिट्स का कब्जा नहीं मिल सका। जांच में यह सामने आया है कि प्रमोटर्स ने ग्राहकों से जमा धन को परियोजनाओं के बजाय सहायक कंपनियों और भूमि मालिक कंपनियों को अग्रिम के रूप में स्थानांतरित कर दिया। इस धन का उपयोग कंपनी के ऋण चुकाने, अन्य निवेश और व्यक्तिगत कार्यों में भी किया गया।
इस धन के दुरुपयोग के कारण परियोजनाओं में निर्माण रुक गया, जिससे ग्राहकों को समय पर संपत्ति नहीं मिल पाई। इससे पहले इस मामले में कंपनी और जुड़ी इकाइयों की 45.48 करोड़ रुपए की संपत्तियां भी कुर्क की जा चुकी हैं। अब कुल कुर्की मूल्य 251.88 करोड़ रुपए हो गया है।
ईडी ने कहा कि यह कार्रवाई धोखाधड़ी से प्राप्त अवैध कमाई को रोकने और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए की गई है। आगे की जांच में धन के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी। हाल के महीनों में, ऐसे रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामलों में ईडी ने कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की हैं, जैसे अंसाल प्रॉपर्टीज, अम्रपाली ग्रुप आदि के खिलाफ।