क्या 77वें गणतंत्र दिवस पर ईयू के नेताओं का जमावड़ा एक बड़ा सम्मान है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 77वें गणतंत्र दिवस पर ईयू के नेताओं का जमावड़ा एक बड़ा सम्मान है?

सारांश

77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के उच्च पदस्थ नेताओं की भागीदारी ने भारतीय गणतंत्र की ताकत को और बढ़ा दिया है। इस समारोह में उनकी उपस्थिति और विचारों से भारत-यूरोप के रिश्तों में नई ऊँचाई देखने को मिल रही है। जानिए इस खास मौके पर क्या कहा गया!

मुख्य बातें

गणतंत्र दिवस समारोह में ईयू के नेताओं की उपस्थिति से भारत-यूरोप संबंधों में मजबूती आई है।
मारोस शेफकोविक ने इसे गर्व का अनुभव बताया।
समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं।
भविष्य की पार्टनरशिप पर चर्चा हुई।
उर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का आश्वासन।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा, ईयू के ट्रेड और इकोनॉमिक सिक्योरिटी कमिश्नर मारोस शेफकोविक ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

मारोस शेफकोविक ने गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का अनुभव साझा करते हुए कहा, "भारत के रिपब्लिक डे पर गेस्ट के रूप में आमंत्रित होना बेहद गर्व की बात है। हमारी साझेदारी को फिर से मजबूत करने और एक बड़े ईयू-भारत एफटीए के माध्यम से इसे और पक्का करने का इससे अच्छा कोई अवसर नहीं हो सकता।"

एंटोनियो कोस्टा ने कहा, "भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर इस साल की शानदार परेड में भाग लेने के लिए यूरोपीय संघ को आमंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद। यह भारत के समृद्ध इतिहास और जीवंत सांस्कृतिक विविधता का एक अद्भुत उत्सव है और भविष्य की संभावनाओं का प्रतीक है।"

यूरोपीय आयोग के उपाध्यक्ष काजा कैलास ने कहा, "भारत के साथ निकट सहयोग के लिए यह एक महत्वपूर्ण क्षण है, और हम इसका लाभ उठा रहे हैं। आज नई दिल्ली में होना एक खुशी की बात है और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है। हमारे गहरे होते रिश्ते के प्रतीक के रूप में हमारे ईयू नेवल ऑपरेशन्स, अटलांटा और एस्पाइड्स के लोग पहली बार परेड में भाग ले रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "कल समिट में हम ईयू-भारत सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करके अपने रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे। इससे मैरीटाइम सिक्योरिटी, साइबर सिक्योरिटी और काउंटरटेररिज्म जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम मिलेंगे।"

इसके अलावा, आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया और कहा, "गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, खुशहाल और सुरक्षित बनाता है और हम सभी को इसका लाभ मिलता है।"

दुनिया भर में कई भारतीय राजनयिक मिशनों ने सोमवार को भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्र के नाम संदेश पढ़ा गया।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर न्यूजीलैंड की भारतीय उच्चायुक्त नीता भूषण ने वेलिंगटन में तिरंगा फहराया, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। उन्होंने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्र के नाम संदेश भी पढ़ा।

इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं और ऑपरेशन सिंदूर पर एक नृत्य नाटक भी प्रस्तुत किया गया, जिसने प्रवासी भारतीयों और स्थानीय व्यक्तियों की उपस्थिति में देशभक्ति की भावना को और बढ़ाया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के नेताओं की उपस्थिति का महत्व क्या है?
यह भारत और उच्चतम स्तर पर संबंधों को दर्शाता है और भविष्य के सहयोग को मजबूत करने का एक अवसर प्रदान करता है।
क्या इस समारोह में कोई खास बात हुई?
नेताओं ने भारत के साथ अपने सहयोग को और मजबूत करने की बात की, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले