6 अक्टूबर 2026
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'पार्टिसिपेट मुंबई' डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च: सीएम फडणवीस ने कहा — CSR से बदलेगी मुंबई की तस्वीर

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'पार्टिसिपेट मुंबई' डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च: सीएम फडणवीस ने कहा — CSR से बदलेगी मुंबई की तस्वीर

सारांश

'पार्टिसिपेट मुंबई' सिर्फ एक पोर्टल नहीं — यह BMC की सीमाओं को CSR की ताक़त से भरने का प्रयोग है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि कुपोषण से लेकर AI-आधारित बिल्डिंग अप्रूवल तक, सरकारी तंत्र और कॉर्पोरेट भागीदारी मिलकर वह काम करेंगे जो अकेले सरकार नहीं कर सकती।

मुख्य बातें

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 6 अक्टूबर 2026 को 'पार्टिसिपेट मुंबई' डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
प्लेटफॉर्म BMC , कॉर्पोरेट कंपनियों, NGO और नागरिकों को CSR के ज़रिए मुंबई विकास परियोजनाओं से जोड़ेगा।
'समग्र' संस्था के साथ MOU पर हस्ताक्षर; BMC की सेवा वितरण प्रणाली बेहतर करने का लक्ष्य।
शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण और रोज़गार सहित अनेक क्षेत्रों में परियोजनाएँ उपलब्ध होंगी।
BMC के बिल्डिंग प्रपोज़ल विभाग में AI -आधारित निर्माण योजना जाँच प्रणाली पहले से लागू।
फडणवीस ने झुग्गी-बस्तियों में बच्चों के कुपोषण, स्टंटिंग और वेस्टिंग की समस्या पर विशेष ध्यान दिलाया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई में 'पार्टिसिपेट मुंबई' नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहलों के माध्यम से बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC), कॉर्पोरेट कंपनियों, गैर-सरकारी संगठनों (NGO), विशेषज्ञों और आम नागरिकों के बीच सहयोग को मज़बूत करना है। यह पहल मुंबई के समग्र विकास में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

इस अवसर पर फडणवीस ने 'समग्र' संस्था के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर की भी घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते से BMC की सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और कार्यकुशलता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'पार्टिसिपेट मुंबई' केवल CSR धनराशि एकत्र करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक सहयोगात्मक मंच है जो इस विचार पर टिका है कि 'समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए आप और मैं मिलकर क्या कर सकते हैं?' इस पोर्टल पर BMC की साझेदारी आवश्यकताओं से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध होगी।

किन क्षेत्रों में मिलेगी मदद

जो कंपनियाँ, NGO या नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, जल आपूर्ति, रोज़गार, पर्यावरण, पार्क, सौंदर्यीकरण और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में योगदान देना चाहते हैं, वे इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए अपनी पसंद की परियोजना चुन सकते हैं।

यदि कोई संस्था किसी विशेष क्षेत्र में कार्य करना चाहती है, तो वह पोर्टल पर अपना प्रस्ताव भी प्रस्तुत कर सकती है। फडणवीस ने विश्वास जताया कि इससे BMC और सामाजिक व कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच की खाई पाटी जाएगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

कुपोषण और सामाजिक चुनौतियाँ

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि BMC ने बुनियादी ढाँचे में उल्लेखनीय काम किए हैं, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में और प्रभावी उपायों की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि शहर के कुछ हिस्सों में बच्चों में कुपोषण, स्टंटिंग (उम्र के अनुपात में कम लंबाई) और वेस्टिंग (लंबाई के अनुपात में कम वज़न) जैसी समस्याएँ अभी भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि पोषण का बच्चों के मस्तिष्क विकास, शैक्षणिक प्रदर्शन और रोगप्रतिरोधक क्षमता पर सीधा प्रभाव पड़ता है। झुग्गी-बस्तियों और पिछड़े इलाकों में रहने वाले बच्चों तक उचित पोषण पहुँचाने के लिए CSR साझेदारी का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।

AI और प्रशासनिक सुधार

BMC के बिल्डिंग प्रपोज़ल विभाग में निर्माण योजनाओं की जाँच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रणाली पहले से लागू की जा चुकी है। फडणवीस ने कहा कि आगे इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने या पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य होना चाहिए, जिससे मुंबई में 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने प्रशासनिक सोच में बदलाव की ज़रूरत पर भी बल दिया और कहा कि 'हम तो सालों से ऐसा ही करते आ रहे हैं' — इस मानसिकता को छोड़ना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई महानगरपालिकाओं में डिजिटल गवर्नेंस के मामले में अग्रणी भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह पहल मुंबई जैसे महानगर के लिए एक नई मिसाल बन सकती है, जहाँ सरकारी संसाधनों की सीमाओं को CSR की शक्ति से पूरा करने की कोशिश की जा रही है। 'पार्टिसिपेट मुंबई' पोर्टल के माध्यम से भागीदारी करने के इच्छुक संगठन और व्यक्ति जल्द ही अपनी परियोजनाएँ प्रस्तुत कर सकेंगे, और इस प्लेटफॉर्म की सफलता काफ़ी हद तक कॉर्पोरेट जगत की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह पोर्टल CSR निधि के 'शोकेस' से आगे बढ़कर वास्तविक जवाबदेही सुनिश्चित कर पाएगा। BMC पर पहले भी CSR साझेदारियों के कार्यान्वयन में पारदर्शिता की कमी के आरोप लगते रहे हैं। फडणवीस का कुपोषण और स्टंटिंग पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान तब तक टिकाऊ नहीं होगा जब तक परिणामों की स्वतंत्र निगरानी का ढाँचा नहीं बनाया जाता। AI-आधारित बिल्डिंग अप्रूवल जैसे कदम सही दिशा में हैं, पर 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' का लाभ आम नागरिक को तभी मिलेगा जब ये सुधार बड़े बिल्डरों के साथ-साथ छोटे उद्यमियों तक भी समान रूप से पहुँचें।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'पार्टिसिपेट मुंबई' प्लेटफॉर्म क्या है?
'पार्टिसिपेट मुंबई' एक डिजिटल पोर्टल है जिसे 6 अक्टूबर 2026 को सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लॉन्च किया। यह BMC, कॉर्पोरेट कंपनियों, NGO और नागरिकों को CSR के माध्यम से मुंबई की विकास परियोजनाओं से जोड़ता है।
इस प्लेटफॉर्म से मुंबई के विकास में कैसे मदद मिलेगी?
पोर्टल पर BMC की साझेदारी ज़रूरतों से जुड़ी परियोजनाएँ सूचीबद्ध होंगी, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण और रोज़गार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। कंपनियाँ, NGO या नागरिक अपनी पसंद की परियोजना चुन सकते हैं या अपना प्रस्ताव भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
'समग्र' संस्था के साथ MOU का क्या महत्व है?
इस समझौते का उद्देश्य BMC की सेवा वितरण प्रणाली को बेहतर बनाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करना और कार्यकुशलता बढ़ाना है। यह 'पार्टिसिपेट मुंबई' पहल को व्यावहारिक ज़मीन देने का प्रयास है।
BMC के बिल्डिंग प्रपोज़ल विभाग में AI का क्या उपयोग हो रहा है?
BMC के बिल्डिंग प्रपोज़ल विभाग में निर्माण योजनाओं की जाँच के लिए AI-आधारित प्रणाली लागू की गई है। सीएम फडणवीस ने कहा कि भविष्य में इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को कम या पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है, जिससे 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' को बढ़ावा मिलेगा।
मुंबई में बच्चों के कुपोषण पर इस पहल का क्या असर होगा?
फडणवीस ने स्वीकार किया कि शहर के कुछ हिस्सों में बच्चों में कुपोषण, स्टंटिंग और वेस्टिंग की समस्याएँ अभी भी हैं। उन्होंने कहा कि झुग्गी-बस्तियों और पिछड़े इलाकों में CSR साझेदारी के ज़रिए पोषण कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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