क्या फरक्का में बीडीओ के ऑफिस में तोड़फोड़ हुई?
सारांश
Key Takeaways
- फरक्का में बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।
- अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
- दो लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
- भाजपा विधायक ने टीएमसी पर आरोप लगाया।
- घटना के पीछे राजनीतिक मंशा का संदेह।
मुर्शिदाबाद, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में चल रही एसआईआर की सुनवाई के दौरान बीडीओ के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। यह घटना मुर्शिदाबाद के फरक्का में घटी। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) जुनैद अहमद द्वारा दर्ज की गई लिखित शिकायत के अनुसार, यह घटना दोपहर लगभग 1:30 बजे हुई, जब कार्यालय में एसआईआर पर सुनवाई चल रही थी। बीडीओ ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों का एक समूह अचानक कई सरकारी कमरों में घुस आया और बीडीओ, संयुक्त बीडीओ, चुनाव अधिकारी और अन्य सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के सामने सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ की।
मुर्शिदाबाद के फरक्का में बीडीओ कार्यालय में एक समूह द्वारा कथित तौर पर तोड़फोड़ करने और एक चुनाव अधिकारी के घायल होने के बाद मामला दर्ज किया गया है। हालांकि इसमें किसी का नाम नहीं लिखा गया है। शिकायत अज्ञात लोगों के समूह के खिलाफ की गई है।
बीडीओ ने भा.द.सं. की धारा 329(4), 221, 132, 324(3), 115(2) और 3(5) के तहत, लोक संपत्ति (क्षति निवारण) अधिनियम, 1984 की धारा 3 के साथ शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद, जांच के सिलसिले में दो गिरफ्तारियां की गई हैं।
भाजपा विधायक गौरी शंकर ने सत्तारूढ़ टीएमसी के फरक्का विधायक मनीरुल इस्लाम पर सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। गौरी शंकर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य भर में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को दंगे और हिंसा के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया।
आरोप है कि तृणमूल विधायक मनीरुल इस्लाम के समर्थकों ने बीडीओ के कार्यालय में तोड़फोड़ की। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। खबर है कि ईआरओ के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई थी।
तृणमूल विधायक पर आरोप है कि वह समर्थकों के साथ बीडीओ के कार्यालय में घुस गए। इसके बाद कुर्सियां और फर्नीचर तोड़ दिया गया।
एसआईआर का टीएमसी द्वारा विरोध किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई बार पत्र लिखकर इसमें सुधार करने और फिलहाल टालने की मांग की है।