क्या फरिश्ते योजना बंद होने से दिल्ली की सड़कों पर घायलों की मदद रुकी? : सौरभ भारद्वाज

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क्या फरिश्ते योजना बंद होने से दिल्ली की सड़कों पर घायलों की मदद रुकी? : सौरभ भारद्वाज

सारांश

दिल्ली की सड़कें अब घायलों की मदद के बिना हैं। सौरभ भारद्वाज ने हाल की एक दुर्घटना पर सवाल उठाए हैं। क्या यह सरकार की लापरवाही है?

मुख्य बातें

फरिश्ते योजना बंद होने से घायलों की मदद में रुकावट आई है।
घटनास्थल पर लोगों की गैर-जिम्मेदारी चिंता का विषय है।
सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

नई दिल्ली, 15 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को बताया कि रविवार को धौला कुआं के निकट एक बीएमडब्ल्यू कार ने बाइक सवार सिख दंपति को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह बेहद दुखद है कि वहां उपस्थित लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। कुछ समय बाद एक मुस्लिम कैब ड्राइवर ने आगे बढ़कर घायल दंपति को अपनी गाड़ी में अस्पताल पहुंचाया। इसके साथ ही, बीएमडब्ल्यू चला रही घायल महिला को भी उसने अपनी कैब में बिठाया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त सिख दंपति के बेटे ने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि बेटे का पहला सवाल था कि दुर्घटना स्थल से लगभग 20 किमी दूर एक छोटे प्राइवेट अस्पताल में माता-पिता को क्यों भर्ती कराया गया, जबकि नजदीक ही कई बड़े अस्पताल मौजूद हैं? सरकार की एंबुलेंस घटनास्थल पर क्यों नहीं पहुंची? दिल्ली पुलिस की पीसीआर वाहन दुर्घटना स्थल पर क्यों नहीं आई? क्यों इस मामले को अब तक दबाया गया?

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि स्पष्ट है कि बीएमडब्ल्यू कार चला रही महिला किसी बड़े और रसूखदार परिवार से होगी। इसी वजह से इस मामले को दबाने, सबूतों को नष्ट करने और ठीक ढंग से मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) न होने देने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही बताया था कि दिल्ली में नवनिर्वाचित भाजपा की सरकार ने दिल्ली की फरिश्ते योजना को बंद कर दिया है। केजरीवाल सरकार के दौरान भी दिल्ली वित्त विभाग के अधिकारियों ने एक षड्यंत्र के तहत इस योजना को बंद करने की कोशिश की थी। मैंने इस बात का जिक्र किया था कि दुर्घटना यह नहीं देखती कि व्यक्ति कौन है, किस पार्टी का है और वह कांग्रेस पार्टी का है या भाजपा का है। वह व्यक्ति पत्रकार भी हो सकता है, सरकारी अधिकारी भी हो सकता है, या आम नागरिक भी हो सकता है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस मृतक व्यक्ति की बात हो रही है, वे केंद्र सरकार के वित्त विभाग में बड़े पद पर कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी थे। केजरीवाल सरकार की फरिश्ते योजना के तहत दिल्ली की सड़कों पर दुर्घटना होने पर किसी भी व्यक्ति को नजदीकी बड़े से बड़े प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने पर इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार वहन करती थी। लेकिन, जैसे ही दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी, इस साल के बजट में इस योजना के लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई और इसे बंद कर दिया गया।

उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल सरकार की फरिश्ते योजना से दिल्ली में सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने का सिलसिला शुरू हुआ था, जो अब भाजपा सरकार द्वारा इस योजना को बंद करने के कारण पूरी तरह थम गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम इस घटना की गहराई से जांच करें। यह केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह हमें हमारे समाज की मानसिकता और हमारी जिम्मेदारियों पर विचार करने पर मजबूर करती है। क्या हम केवल दर्शक बनकर रह गए हैं?
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरिश्ते योजना क्या है?
फरिश्ते योजना एक सरकारी पहल है, जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना का बंद होना क्यों महत्वपूर्ण है?
इस योजना के बंद होने से घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकेगी, जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता है।
क्या सरकार ने इस योजना को फिर से शुरू करने की कोई योजना बनाई है?
वर्तमान में सरकार ने इस योजना को फिर से शुरू करने के लिए कोई घोषणा नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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