फर्रुखाबाद: छेड़खानी का आरोप झूठा निकला, पुलिस ने किया खुलासा

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फर्रुखाबाद: छेड़खानी का आरोप झूठा निकला, पुलिस ने किया खुलासा

सारांश

फर्रुखाबाद में एक परिवारिक विवाद को लेकर लगाए गए छेड़खानी के झूठे आरोपों का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच कर सच्चाई उजागर की। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • छेड़खानी का आरोप झूठा था।
  • पारिवारिक विवाद ने स्थिति को गंभीर बना दिया।
  • पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
  • सच्चाई की जांच के बाद आरोप असत्य साबित हुए।
  • सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास किया गया।

फर्रुखाबाद, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक जमीन विवाद में चचेरे भाइयों के बीच हुई मारपीट की घटना को कुछ शातिरों ने गलत तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया।

इन शातिरों ने पीड़ित पक्ष को भ्रमित करते हुए मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह मामला थाना जहानगंज का है, जहां मकान संबंधित विवाद में दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद की जांच में मामले का सच्चाई सामने आया। पुलिस ने इस पर त्वरित कार्रवाई की है।

इस घटना को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच में पाया गया कि बालिका के स्कूल छोड़ने का मामला पूरी तरह से गलत था। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मीडिया में खबरें आई थीं कि एक बालिका ने बदमाशों के डर से स्कूल जाना छोड़ दिया है, जिसमें छेड़खानी का भी आरोप था। जब क्षेत्राधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो ये आरोप असत्य पाए गए।

वास्तव में, 22 मार्च को शिवशंकर की पत्नी, सीता देवी, जो दानमंडी, जहानगंज की निवासी हैं, ने 112 पर सूचना दी कि उनके पति ने उनके साथ मारपीट की है। इसके बाद वह पुलिस स्टेशन गईं और मारपीट के मामले की रिपोर्ट की, जिसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।

इसी दिन दूसरे पक्ष के ओम प्रकाश के खिलाफ 170 बीएनएस की कार्रवाई की गई, और 24 मार्च को अन्य दो अभियुक्तों सतीश और उमा शंकर के खिलाफ भी यही कार्रवाई की गई। मामले की जांच करते हुए एएसपी ने बताया कि ये चारों आपस में रिश्तेदार हैं। सीता देवी के पति शिवशंकर के छह भाई हैं और इनके बीच मकान को लेकर विवाद है। यह विवाद चाचा और भतीजे के बीच है, जिसके चलते आरोप लगे हैं।

इसके अलावा, छेड़खानी का आरोप भी बाद में चाचा और चचेरे भाइयों पर लगाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि छेड़खानी का आरोप पूर्णतः झूठा है। दरअसल, केवल साधारण मारपीट हुई थी।

Point of View

जो एक सकारात्मक कदम है।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या यह मामला छेड़खानी से जुड़ा था?
नहीं, छेड़खानी का आरोप पूरी तरह से झूठा पाया गया है।
पुलिस ने मामले में क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने मामले की जांच की और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
क्या यह परिवारिक विवाद था?
हां, यह पारिवारिक जमीन विवाद के चलते हुआ था।
कौन-कौन से लोग मामले में शामिल थे?
शिवशंकर, सीता देवी, ओम प्रकाश, सतीश और उमा शंकर मामले में शामिल थे।
क्या पुलिस ने मामले में मेडिकल परीक्षण कराया?
हाँ, पुलिस ने पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराया।
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