17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या धावक फौजा सिंह का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या धावक फौजा सिंह का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा?

सारांश

फौजा सिंह, जो विश्व के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक थे, का अंतिम संस्कार आज उनके गांव में होगा। उनका निधन एक सड़क दुर्घटना के कारण हुआ था। उनके परिवार के सदस्य भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। जानिए इस महान धावक के जीवन और योगदान के बारे में।

मुख्य बातें

फौजा सिंह का जीवन प्रेरणादायक था।
उन्हें उम्र के 114 वर्ष में भी मैराथन दौड़ने के लिए जाना जाता था।
उनका निधन एक सड़क दुर्घटना के कारण हुआ।
अंतिम संस्कार में पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी शामिल हो सकते हैं।
फौजा सिंह का नाम न केवल जालंधर, बल्कि विश्वभर में प्रसिद्ध है।

जालंधर, 20 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। विश्व के सबसे उम्रदराज 114 वर्षीय मैराथन धावक फौजा सिंह का अंतिम संस्कार आज, रविवार को दोपहर 12 बजे उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। उनके विदेश में निवास करने वाले पारिवारिक सदस्य भी इस अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जालंधर पहुँच चुके हैं। फौजा सिंह एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे, जिसके बाद उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

सुबह लगभग 7:30 बजे, फौजा सिंह के पार्थिव शरीर को जालंधर के सिविल अस्पताल से उनके निवास स्थान पर लाया गया। उनके परिवार के सदस्य भी विदेश से आ चुके हैं।

अंतिम संस्कार में भाग लेने और फौजा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी 'ब्यास पिंड' पहुँच सकते हैं। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन और कई सामाजिक संगठनों के लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

गौरतलब है कि 14 जुलाई (सोमवार) को फौजा सिंह को एक एनआरआई द्वारा अपनी तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर से टक्कर मारी गई थी। यह दुर्घटना उनके गांव ब्यास पिंड के पास, पठानकोट-जालंधर राष्ट्रीय हाईवे के निकट हुई थी, जिसमें फौजा सिंह की मृत्यु हो गई।

फौजा सिंह की मृत्यु के 6 दिन बाद उनका अंतिम संस्कार हो रहा है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि उनका परिवार विदेश में रहता है और वे अब तक गांव नहीं पहुँच सके थे। इस वजह से अंतिम संस्कार में देरी हुई। उनका परिवार शनिवार को गांव पहुँच गया है।

जालंधर के ब्यास पिंड के निवासी, फौजा सिंह, अपनी उम्र के बावजूद फिटनेस के लिए प्रसिद्ध थे। फौजा सिंह का नाम केवल जालंधर में ही नहीं, बल्कि विश्वभर में जाना जाता था।

उन्होंने अपनी उम्र के 90वें दशक में भी मैराथन दौड़ में भाग लेकर कई रिकॉर्ड बनाए थे। फौजा सिंह के निधन पर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं और उनके योगदान को याद किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणादायक हैं। उनका निधन एक युग का अंत है, लेकिन उनके द्वारा स्थापित मानक और प्रेरणा सदैव हमारे साथ रहेंगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फौजा सिंह का अंतिम संस्कार कब होगा?
फौजा सिंह का अंतिम संस्कार आज, 20 जुलाई को दोपहर 12 बजे उनके पैतृक गांव में होगा।
फौजा सिंह का निधन कैसे हुआ?
फौजा सिंह का निधन एक सड़क दुर्घटना के बाद उपचार के दौरान हुआ था।
फौजा सिंह कितने साल के थे?
फौजा सिंह 114 वर्ष के थे।
फौजा सिंह कौन से गांव के निवासी थे?
फौजा सिंह ब्यास पिंड गांव के निवासी थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले