फिरोजाबाद मुठभेड़: फाइनेंस कर्मियों से दिनदहाड़े लूट करने वाले दो इनामी बदमाश गिरफ्तार, गोली लगने से घायल

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फिरोजाबाद मुठभेड़: फाइनेंस कर्मियों से दिनदहाड़े लूट करने वाले दो इनामी बदमाश गिरफ्तार, गोली लगने से घायल

सारांश

फिरोजाबाद के टूंडला में फाइनेंस कर्मियों से ₹95,880 लूटने वाले दो इनामी बदमाश कुलदीप और निखिल पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार। चौंकाने वाला खुलासा — लूट में खुद फाइनेंस कर्मी अरविंद भी शामिल था।

Key Takeaways

  • 22 अप्रैल 2025 को टूंडला में कोटा फाइनेंस के कर्मचारियों से दिनदहाड़े ₹95,880 की लूट हुई।
  • लूट में फाइनेंस कर्मी अरविंद खुद शामिल था — यह एक सुनियोजित अंदरूनी साजिश थी।
  • इनामी बदमाश कुलदीप और निखिल उर्फ कान्हा पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
  • 23 अप्रैल की रात पुलिस मुठभेड़ में दोनों बदमाश गोली लगने से घायल होकर गिरफ्तार हुए।
  • आरोपियों से 2 अवैध तमंचे, कारतूस, लूटी नकदी और मोटरसाइकिल बरामद हुई।
  • एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देश पर गठित 4 पुलिस टीमों ने 48 घंटे में मामले का खुलासा किया।

फिरोजाबाद, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टूंडला थाना क्षेत्र में 22 अप्रैल को दिनदहाड़े कोटा फाइनेंस के कर्मचारियों से ₹95,880 की लूट करने वाले दो इनामी बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी कुलदीप और निखिल उर्फ कान्हा उर्फ गुलडोरी पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लूट की घटना का पूरा विवरण

22 अप्रैल को दोपहर करीब 1:30 बजे कोटा फाइनेंस के दो कर्मचारी अरमान और अरविंद (निवासी आगरा) वैशालीपुरम कॉलोनी, टूंडला स्थित ऑफिस से नकदी लेकर बैंक जमा करने जा रहे थे। तभी अज्ञात बदमाशों ने स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से पीछे से झपट्टा मारकर उनका बैग छीन लिया और फरार हो गए।

पीड़ितों की तहरीर पर थाना टूंडला में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद आदित्य लांग्हे ने तत्काल 4 विशेष पुलिस टीमें गठित कीं।

अंदरूनी साजिश का खुलासा

जांच के दौरान फाइनेंस कर्मी अरविंद को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में अरविंद ने स्वीकार किया कि यह लूट उसने 3 साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से की थी। यह खुलासा चौंकाने वाला था, क्योंकि पीड़ित और आरोपी दोनों एक ही संस्था से जुड़े थे।

इस स्वीकारोक्ति के बाद कुलदीप और निखिल उर्फ कान्हा पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। पुलिस की सर्विलांस और एसओजी टीमें इन दोनों की तलाश में जुट गईं।

मुठभेड़ और गिरफ्तारी

23 अप्रैल की देर रात पुलिस को सूचना मिली कि वांछित कुलदीप और निखिल पुराना बाईपास रोड हमीरपुर बंबे के रास्ते पर लूट की रकम बांटने के लिए एकत्रित होने वाले हैं। थाना टूंडला पुलिस और सर्विलांस/एसओजी टीम मौके पर पहुंची।

पुलिस को देखते ही दोनों बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें कुलदीप और निखिल दोनों गोली लगने से घायल हो गए। घायल बदमाशों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई:

2 अवैध तमंचे (315 बोर)
4 खोखा कारतूस (315 बोर)
2 जिंदा कारतूस (315 बोर)
— लूटे गए ₹95,880 नकद
— घटना में प्रयुक्त 1 मोटरसाइकिल

दोनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। तीसरे और चौथे साथी की तलाश अभी भी जारी बताई जा रही है।

व्यापक संदर्भ और सुरक्षा चिंताएं

यह घटना इस लिहाज से गंभीर है कि लूट में खुद फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी शामिल निकला। यह पैटर्न उत्तर प्रदेश में वित्तीय संस्थाओं की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। छोटे शहरों में फाइनेंस कंपनियों के कर्मचारी अक्सर बड़ी नकदी बिना पर्याप्त सुरक्षा के ले जाते हैं, जो उन्हें आसान निशाना बनाता है।

गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल के महीनों में इस तरह की इनसाइडर-असिस्टेड लूट की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन असली जरूरत वित्तीय संस्थाओं में कर्मचारी सत्यापन और नकद परिवहन प्रोटोकॉल को मजबूत करने की है।

आने वाले दिनों में शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल होने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

Point of View

तो सवाल उठता है कि फाइनेंस कंपनियां अपने स्टाफ की बैकग्राउंड जांच और नकद परिवहन प्रोटोकॉल में कितनी गंभीर हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मुठभेड़ सराहनीय है, लेकिन असली समाधान तब आएगा जब संस्थागत स्तर पर सुरक्षा खामियों को दूर किया जाए। यह घटना नीति-निर्माताओं के लिए संकेत है कि छोटे शहरों में वित्तीय सुरक्षा ढांचे को तत्काल मजबूत करने की जरूरत है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

फिरोजाबाद टूंडला में फाइनेंस कर्मियों से लूट कब और कैसे हुई?
22 अप्रैल 2025 को दोपहर 1:30 बजे कोटा फाइनेंस के कर्मचारी अरमान और अरविंद बैंक में नकदी जमा करने जा रहे थे, तभी स्प्लेंडर बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से झपट्टा मारकर ₹95,880 का बैग छीन लिया। बाद में जांच में सामने आया कि खुद कर्मचारी अरविंद भी इस साजिश में शामिल था।
मुठभेड़ में कौन से बदमाश गिरफ्तार हुए और उन पर कितना इनाम था?
23 अप्रैल की रात पुलिस मुठभेड़ में कुलदीप और निखिल उर्फ कान्हा उर्फ गुलडोरी गिरफ्तार हुए। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और दोनों गोली लगने से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं।
पुलिस ने बदमाशों के पास से क्या बरामद किया?
आरोपियों के पास से 2 अवैध तमंचे (315 बोर), 4 खोखा कारतूस, 2 जिंदा कारतूस, लूटे गए ₹95,880 नकद और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। यह सामग्री मुठभेड़ स्थल पर ही जब्त की गई।
क्या इस लूट में फाइनेंस कंपनी का कोई कर्मचारी भी शामिल था?
हां, जांच के दौरान फाइनेंस कर्मी अरविंद को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने 3 साथियों के साथ मिलकर यह लूट की। यह एक सुनियोजित अंदरूनी साजिश थी।
फिरोजाबाद पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
एसएसपी आदित्य लांग्हे ने 4 विशेष पुलिस टीमें गठित कीं। सर्विलांस और एसओजी टीम की सक्रियता से 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और शेष फरार साथियों की तलाश चल रही है।
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