केरल में भीषण लू का कहर: CM पिनाराई विजयन ने 11 बजे से 3 बजे तक 'सेल्फ-लॉकडाउन' की अपील

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केरल में भीषण लू का कहर: CM पिनाराई विजयन ने 11 बजे से 3 बजे तक 'सेल्फ-लॉकडाउन' की अपील

सारांश

केरल में भीषण गर्मी के बीच CM पिनाराई विजयन ने सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक 'सेल्फ-लॉकडाउन' की अपील की। IMD ने पालक्काड, कोल्लम और त्रिशूर में हीटवेव अलर्ट जारी किया है। तापमान 40°C के पार पहुंचा।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 24 अप्रैल को केरल में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक 'सेल्फ-लॉकडाउन' की अपील की।
  • IMD ने पालक्काड, कोल्लम और त्रिशूर जिलों में आधिकारिक हीटवेव अलर्ट जारी किया, तापमान 40°C से ऊपर पहुंचा।
  • बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने के सख्त निर्देश दिए गए।
  • श्रम विभाग ने दिन के बाहरी कामों पर रोक लगाई और रोजगार सुरक्षा कार्य पूरी तरह बंद किए।
  • खुले स्थानों पर सभाएं, हाथी परेड और दिन की आतिशबाजी प्रतिबंधित या समय परिवर्तित करने के आदेश जारी।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सभी अस्पतालों में लू (सनस्ट्रोक) के उपचार की विशेष व्यवस्था की गई है।

केरल में हीटवेव अलर्ट और सेल्फ-लॉकडाउन की घोषणा

तिरुवनंतपुरम, 24 अप्रैल। केरल में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्यवासियों से सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और इसे 'सेल्फ-लॉकडाउन' की तरह पालन करने की अपील की है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पालक्काड, कोल्लम और त्रिशूर जिलों में आधिकारिक हीटवेव अलर्ट जारी किया है, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।

गर्मी से स्वास्थ्य खतरा और सरकारी निर्देश

मुख्यमंत्री विजयन ने स्पष्ट किया कि उच्च आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) के कारण अन्य जिलों में भी गर्मी का प्रकोप असहनीय हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ती गर्मी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मृत्यु तक का कारण बन सकती है।

सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि प्यास न लगने पर भी भरपूर साफ पानी पीएं, ऐसे पेय पदार्थों से बचें जो शरीर में पानी की कमी करें, और हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय छाता, जूते-चप्पल और धूप का चश्मा अनिवार्य रूप से पहनें।

कमजोर वर्गों के लिए विशेष सतर्कता

बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, त्वचा रोग जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को दोपहर के समय पूरी तरह घर के अंदर रहने के निर्देश दिए गए हैं। एल्बिनिज्म से पीड़ित लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

सरकार ने सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के बीच खुले स्थानों पर सार्वजनिक सभाओं और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया है। त्योहारों के दौरान हाथियों की परेड, दिन की आतिशबाजी को टालने या समय बदलने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रम विभाग और स्वास्थ्य तंत्र की तैयारी

श्रम विभाग ने दिन के समय बाहरी श्रमिकों के काम के घंटे पुनर्व्यवस्थित किए हैं और दिन में रोजगार सुरक्षा संबंधी कार्यों को पूरी तरह रोक दिया गया है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए छाया और पीने के पानी की व्यवस्था के साथ-साथ वर्दी में ढील देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सभी अस्पतालों और एम्बुलेंस में लू (सनस्ट्रोक) से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार की विशेष व्यवस्था की गई है।

पशुओं और समाज की जिम्मेदारी

पालतू जानवरों और आवारा पशुओं के लिए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। अत्यधिक गर्मी में पशुओं के बेचैन होने से जंगली जानवरों और आवारा कुत्तों के हमले की आशंका के प्रति भी सतर्क रहने की अपील की गई है।

स्थानीय निकायों, कुटुम्बश्री, स्वयंसेवी संगठनों और व्यापारियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रियों और आम जनता के लिए पीने का पानी और छाया उपलब्ध कराने में आगे आएं। यदि किसी को लू के लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें और प्रभावित व्यक्ति को छाया में ले जाकर शरीर ठंडा करने का प्रयास करें।

गौरतलब है कि केरल में अप्रैल-मई के महीनों में गर्मी का प्रकोप हर साल बढ़ता जा रहा है, और जलवायु परिवर्तन के चलते दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में हीटवेव की घटनाएं पहले से कहीं अधिक तीव्र और लंबी होती जा रही हैं। आने वाले दिनों में IMD के पूर्वानुमान पर नजर रखना और सरकारी निर्देशों का पालन करना नागरिकों के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।

Point of View

वह भी बढ़ते तापमान के सामने असहाय नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री का यह कदम सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि दीर्घकालिक जलवायु नीति और शहरी ताप-द्वीप प्रभाव को रोकने के लिए राज्य सरकार के पास क्या ठोस योजना है। कोविड की तरह 'सेल्फ-लॉकडाउन' तात्कालिक राहत दे सकता है, लेकिन संरचनात्मक समाधान के बिना यह हर साल की कहानी बनती रहेगी।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

केरल में सेल्फ-लॉकडाउन क्या है और इसका समय क्या है?
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भीषण गर्मी के मद्देनजर नागरिकों से सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की अपील की है, जिसे 'सेल्फ-लॉकडाउन' कहा जा रहा है। यह कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं, बल्कि स्वैच्छिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय है।
केरल के किन जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है?
IMD ने आधिकारिक तौर पर पालक्काड, कोल्लम और त्रिशूर जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।
लू से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें?
दोपहर 11 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलें, खूब पानी पीएं, हल्के सूती कपड़े पहनें और छाता साथ रखें। शराब या कैफीनयुक्त पेय से बचें जो शरीर में पानी की कमी करते हैं।
केरल में गर्मी से सबसे ज्यादा कौन प्रभावित होते हैं?
बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग सबसे अधिक जोखिम में हैं। इन्हें दिन के समय बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी गई है।
केरल सरकार ने लू से बचाव के लिए क्या इंतजाम किए हैं?
सरकार ने अस्पतालों और एम्बुलेंस में लू के उपचार की विशेष व्यवस्था की है, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए छाया और पानी का प्रबंध किया है, और श्रम विभाग ने बाहरी श्रमिकों के काम के घंटे पुनर्व्यवस्थित किए हैं।
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