6 अक्टूबर 2026
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40 देशों के सिविल सेवकों ने गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक व्यवस्था का किया अध्ययन, NCGG के साथ पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

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40 देशों के सिविल सेवकों ने गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक व्यवस्था का किया अध्ययन, NCGG के साथ पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

सारांश

विभिन्न देशों के 40 सिविल सेवकों ने NCGG के साथ गौतमबुद्धनगर का प्रशासनिक अध्ययन किया। ई-गवर्नेंस, पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली और केंद्र-राज्य योजनाओं की जानकारी साझा की गई — यह भारत के जिला प्रशासन मॉडल को वैश्विक मंच पर रखने का प्रयास है।

मुख्य बातें

40 देशों के सिविल सेवकों ने 6 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्धनगर का प्रशासनिक भ्रमण किया।
राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के साथ आए प्रतिनिधिमंडल ने सूरजपुर कलेक्ट्रेट सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद किया।
जिले में तीन तहसील , तीन विकासखंड , छह नगर निकाय और तीन विकास प्राधिकरण कार्यरत हैं।
आयुष्मान भारत , जल जीवन मिशन , कन्या सुमंगला योजना समेत केंद्र व राज्य की प्रमुख योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
समापन पर 'एक जनपद एक उत्पाद' के तहत स्थानीय उत्पाद भेंट किए गए।
जिले में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होना इसे अन्य जनपदों से अलग बनाती है।

राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के तत्वावधान में विभिन्न देशों के 40 सिविल सेवकों का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्धनगर पहुंचा और जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया। सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में विदेशी अधिकारियों ने जिले की संरचना, ई-गवर्नेंस प्रणाली और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी हासिल की।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी और डिप्टी कलेक्टर डॉ. पूर्वा शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को जिले की प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी एवं कलेक्टर के दायित्वों में राजस्व प्रशासन, विभागीय समन्वय, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन कार्य और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है।

गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर में तीन तहसील — सदर, दादरी और जेवर — तथा तीन विकासखंड — बिसरख, दादरी और जेवर — हैं। जिले में छह नगर निकाय भी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। जिलाधिकारी से लेकर लेखपाल तक की बहुस्तरीय प्रशासनिक शृंखला के माध्यम से शासन की योजनाएँ आम नागरिकों तक पहुंचाई जाती हैं।

ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता

संवाद के दौरान जिला प्रशासन ने ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचारों की विस्तृत जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली और विभिन्न डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। पारदर्शिता और जवाबदेही इस प्रशासनिक मॉडल की प्राथमिकताएँ हैं।

जनकल्याणकारी योजनाओं का परिचय

प्रतिनिधिमंडल को केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं — आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन — की विस्तार से जानकारी दी गई।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं — कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, एक जनपद एक उत्पाद, अटल आवासीय विद्यालय और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना — का विवरण भी साझा किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाता है।

प्रशासनिक अनुभव का आदान-प्रदान

बैठक के दौरान विभिन्न देशों से आए सिविल सेवकों और गौतमबुद्धनगर के अधिकारियों ने अपने-अपने प्रशासनिक अनुभव साझा किए। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की डिजिटल प्रशासन प्रणाली वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। सुशासन को प्रभावी बनाने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और तकनीकी नवाचारों के उपयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक संरचना अन्य जिलों से इस मायने में विशिष्ट है कि यहाँ तीन विकास प्राधिकरण नियोजित शहरी विकास के लिए कार्यरत हैं और कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है।

समापन और उपहार वितरण

कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने प्रतिनिधिमंडल के सभी 40 सदस्यों को 'एक जनपद एक उत्पाद' योजना के तहत तैयार स्थानीय उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (भू-अधि) अरुण कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर पूर्वा शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुराग सारस्वत, प्रभारी जिला विकास अधिकारी नेहा सिंह और हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीपी शर्मा भी उपस्थित रहे। यह भ्रमण भारतीय जिला प्रशासन के मॉडल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ जिला प्रशासन को सुशासन के मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। गौतमबुद्धनगर की पसंद सोची-समझी है — एनसीआर का यह जिला तेज़ शहरीकरण, तीन विकास प्राधिकरणों और कमिश्नरेट पुलिसिंग का अनूठा संयोजन प्रस्तुत करता है। हालाँकि, जब तक योजनाओं के वास्तविक ज़मीनी प्रभाव को मापने के स्वतंत्र आँकड़े साझा नहीं होते, इस प्रकार के दौरे कूटनीतिक दिखावे से आगे नहीं जा पाते।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में विदेशी सिविल सेवकों का दौरा क्यों हुआ?
राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत विभिन्न देशों के 40 सिविल सेवक भारत के जिला प्रशासन मॉडल का प्रत्यक्ष अध्ययन करने गौतमबुद्धनगर पहुंचे। इसका उद्देश्य ई-गवर्नेंस, जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक संरचना को समझना था।
NCGG क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) भारत सरकार की एक संस्था है जो विदेशी सिविल सेवकों को भारतीय प्रशासनिक प्रणाली और सुशासन के मॉडल से परिचित कराती है। यह संस्था विभिन्न देशों के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण और अध्ययन कार्यक्रम आयोजित करती है।
गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक संरचना क्या है?
गौतमबुद्धनगर में तीन तहसील (सदर, दादरी, जेवर), तीन विकासखंड (बिसरख, दादरी, जेवर) और छह नगर निकाय हैं। जिले में तीन विकास प्राधिकरण और पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली भी लागू है, जो इसे अन्य जनपदों से विशिष्ट बनाती है।
इस दौरे में किन केंद्रीय और राज्य योजनाओं की जानकारी दी गई?
केंद्र की आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वामित्व योजना समेत कई प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई। उत्तर प्रदेश सरकार की कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और एक जनपद एक उत्पाद जैसी योजनाएँ भी शामिल थीं।
'एक जनपद एक उत्पाद' उपहार का क्या महत्व है?
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने सभी 40 प्रतिनिधिमंडल सदस्यों को 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत तैयार स्थानीय उत्पाद भेंट किए। यह स्थानीय शिल्प और उद्यमिता को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रतीकात्मक प्रयास था।
राष्ट्र प्रेस
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