जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गैस कंपनियों के साथ बैठक, वाणिज्यिक सिलेंडर आपूर्ति में पारदर्शिता पर जोर
सारांश
Key Takeaways
- गैस आपूर्ति प्रणाली में सुधार के लिए बैठक आयोजित की गई।
- अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रयास।
- पीएनजी कनेक्शन में आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश।
- उपभोक्ताओं के लिए गैस आपूर्ति की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
- सभी तहसीलों में गैस की कालाबाजारी रोकने की योजना।
गौतमबुद्धनगर, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर जिले में वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी की अगुवाई में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, गैस कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य गैस आपूर्ति प्रणाली में सुधार लाना और इससे संबंधित अवैध गतिविधियों, विशेषकर कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गैस वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्रों में एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की कमी के कारण कई स्थानों पर पीएनजी कनेक्शन स्थापित नहीं हो पा रहे हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्राधिकरणों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को जल्द से जल्द दूर किया जा सके। इसके अलावा, कार्य निष्पादन के दौरान एजेंसियों को आ रही समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है, जिससे गैस आपूर्ति प्रणाली सुचारू रूप से संचालित हो सके।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी तहसीलों में एसडीएम न्यायिक को प्रभारी बनाया जाए, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि कहीं भी गैस की कालाबाजारी न हो और वितरण प्रक्रिया सरकारी मानकों के अनुरूप हो। बैठक में प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम ने जानकारी दी कि जनपद में उपजिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में बाट-माप विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की संयुक्त टीमें लगातार निरीक्षण और अभियान चला रही हैं।
इन अभियानों के माध्यम से एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं और संस्थाओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके लिए उपभोक्ताओं को पिछले वित्तीय वर्ष में उपयोग किए गए सिलेंडरों का विवरण और पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन का प्रमाण संबंधित गैस कंपनियों को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह सुविधा केवल उन्हीं उपभोक्ताओं और संस्थानों को दी जाएगी, जिन्होंने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है।
संबंधित जानकारी के लिए उपभोक्ता आधिकारिक वेबसाइट या गैस कंपनियों के ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। बैठक में सभी अधिकारियों और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने पारदर्शी और प्रभावी गैस आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने का भरोसा जताया।
—राष्ट्र प्रेस
पीकेटी/एएमटी